नए साल में पीएम मोदी ने पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों को दी बधाई

वैसे तो नया साल शुरू हो चुका है, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते आज भी पुराने स्तर पर ही हैं. जिसका उदाहरण तब मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने साल के पहले दिन कूटनीतिक शुरूआत करते हुए पड़ोसी देशो से बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को नए साल के अवसर पर पाकिस्तान को छोड़कर नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका के प्रधानमंत्रियों और मालदीव के राष्ट्रपति से अलग-अलग फोन पर बात की.

इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने इन अहम पड़ोसी देशों को नए साल की बधाई दी और भारत की जनता की तरफ से जनता को शुभ इच्छा भेंट की. पिछले साल सहयोग की दिशा में उठाए गए कदमों की समीक्षा की और नए वर्ष में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की. वहीं भारत के अहम पड़ोसी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से पीएम मोदी ने कोई बातचीत नहीं की है. जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाक का रिश्ता भारत से बिगड़ते नजर आ रहें है.

प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत करते हुए, उन्हें जहां तीन और वर्ष के लिए आवामी लीग की प्रेसिडेंट चुने जाने पर बधाई दी. वहीं नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैयद मुआज्जम अली के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना भी प्रकट की. बांग्लादेश अगले साल अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है.

इसी तरह प्रधानमंत्री ने एक और अहम पड़ोसी देश श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिदा राजपक्षे से भी बात की. इस बातचीत दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने को लेकर बात की. गोटाबाया राजपक्षे ने राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की यात्रा भी की थी, लेकिन यहां से लौटने के बाद उनकी सरकार के कुछ कदमों से भारत निश्चित तौर पर खुश नहीं होगा. भारत से लौटने के बाद गोटाबाया सरकार ने खुलेआम चीन की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही है.

यह भी पढ़ें : CAA के खिलाफ विरोध देखते हुए इसे ऑनलाइन करने का लिया गया फैसला

इनके अलावा नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भी पीएम मोदी ने बात की है। इस दौरान भारत-नेपाल रिश्तों पर चर्चा हुई. मोतीहारी अमलेकगंज पाइपलाइन के रिकॉर्ड समय में पूरा होने पर दोनों ने प्रसन्नता जताई और इस तरह की दूसरी परियोजनाओं की समीक्षा की गई.