पेट्रोल-डीज़ल पर निर्यात शुल्क में फेरबदल, सरकार ने विंडफॉल टैक्स की दरों में किया बदलाव
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स की दरों में एक बार फिर संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के…
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स की दरों में एक बार फिर संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया गया है, जबकि डीज़ल के निर्यात पर राहत दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ये नई दरें शुक्रवार, 16 अक्टूबर से लागू हो गई हैं।
ताज़ा बदलाव के तहत, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 0.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, डीज़ल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बड़ी कटौती करते हुए इसे 16 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 8.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।
विंडफॉल टैक्स क्या है और क्यों बदलता है?
सरकार ने पहली बार जुलाई 2022 में ईंधन निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसका मुख्य उद्देश्य तेल रिफाइनिंग कंपनियों को होने वाले अप्रत्याशित या 'असाधारण' मुनाफे पर कर लगाना था, जो रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक तेल कीमतों में आई भारी तेज़ी के कारण हो रहा था। बाद में, मार्च 2026 में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के दौरान भी इसे फिर से लागू किया गया।
सरकार हर पंद्रह दिन (पखवाड़े) में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करती है। इसी समीक्षा के आधार पर इन निर्यात शुल्कों में ज़रूरत के हिसाब से बदलाव किए जाते हैं। हाल के महीनों में भू-राजनीतिक तनाव और कीमतों में अस्थिरता के कारण इन दरों में कई बार संशोधन देखने को मिला है।
हाल के महीनों में हुए बदलाव
यह फैसला सितंबर में की गई कटौती के ठीक बाद आया है, जब सरकार ने अपनी पखवाड़ा समीक्षा में पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर विंडफॉल टैक्स घटाया था। उस समय पेट्रोल निर्यात शुल्क को 0.5 रुपए प्रति लीटर तक कम कर दिया गया था। इससे पहले, अगस्त में पेट्रोल निर्यात पर शुल्क 2.5 रुपए से बढ़ाकर 3.5 रुपए प्रति लीटर किया गया था, जबकि डीज़ल पर कुल शुल्क 15.5 रुपए से बढ़ाकर 25.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था।
इनपुट: IANS



