मंगलवार, 8 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर: PM मोदी ने इसे भारत-फ्रांस संबंधों का नया अध्याय बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक भव्य BAPS स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर…

पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर: PM मोदी ने इसे भारत-फ्रांस संबंधों का नया अध्याय बताया
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक भव्य BAPS स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि दोनों देशों के साझा मूल्यों और सहयोग का प्रतीक भी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भले ही वे शारीरिक रूप से पेरिस में मौजूद नहीं हैं, लेकिन मन और हृदय से खुद को वहीं महसूस कर रहे हैं।

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इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री ने पूज्य महंत स्वामी, सभी संतों और BAPS स्वामीनारायण संस्था को बधाई दी। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के पुनर्जागरण का जो अभियान उन्होंने शुरू किया था, उसका प्रकाश आज यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इसी साल अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था और अब पेरिस में इस मंदिर का निर्माण उसी संकल्प शक्ति को आगे बढ़ाता है।

सांस्कृतिक संबंधों की नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पेरिस का यह मंदिर फ्रांस की विविधता को समृद्ध करेगा और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने संस्कृत मंत्र 'समानं मनः सह चित्तमेषाम्' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का संदेश लोगों के मन और हृदय को जोड़ने का है। उनके अनुसार, BAPS के मंदिर दुनिया भर में भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्यों का प्रसार करते हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "भारत और फ्रांस तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि 2026 को दोनों देश 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष' के रूप में मना रहे हैं, जो मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नींव पर टिकी रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है।

भारत और फ्रांस का ऐतिहासिक जुड़ाव

पीएम मोदी ने दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक जुड़ाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान, संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में फ्रांसीसी विद्वानों के योगदान, रोमां रोलां की लेखनी और स्वामी विवेकानंद से जुड़े विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद स्वामी का फ्रांस आगमन और एफिल टॉवर के सामने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन जैसे कार्यक्रमों ने इन संबंधों को और मजबूत किया है, और अब BAPS मंदिर इस कड़ी में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस मंदिर को "मेड इन इंडिया" और "बिल्ट इन फ्रांस" का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर के कई पत्थरों को भारत में तराशा गया और फिर फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग की मदद से उन्हें जोड़कर यह भव्य स्वरूप दिया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंदिर सेवा परियोजनाओं का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और भारतीय संस्कृति का संदेश पूरे यूरोप तक पहुंचाएगा।

इनपुट: IANS

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