बुरहान वानी को 'शहीद' बताने पर PDP नेता अब्दुल कबीर से पुलिस की पूछताछ
जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के एक नेता द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को 'शहीद' बताने के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के एक नेता द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को 'शहीद' बताने के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, किश्तवाड़ में एक पार्टी बैठक के दौरान पीडीपी नेता अब्दुल कबीर ने यह विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
अब्दुल कबीर ने अपने भाषण में कहा कि बुरहान वानी को शहीद कहना या न कहना "हमारी अपनी आजादी है"। उनके इस बयान पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी उनसे यह स्पष्टीकरण मांग रहे हैं कि उन्होंने किस संदर्भ में एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के कमांडर के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया और उनके इस बयान का आधार क्या है।
भाजपा पर भी लगाया आरोप
अब्दुल कबीर ने अपने भाषण में एक और सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि 2016 में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने उसके परिवार से मुलाकात कर मुआवजा दिया था। इस दावे ने विवाद को और हवा दे दी है और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
कौन था बुरहान वानी?
बुरहान वानी हिजबुल मुजाहिदीन का एक कुख्यात कमांडर था, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दक्षिण कश्मीर के त्राल का रहने वाला वानी 8 जुलाई, 2016 को सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था। उस पर सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की हत्या सहित कई गंभीर आरोप थे। उसके पिता मुजफ्फर अहमद वानी एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे।
इनपुट: IANS



