चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप, तेजस्वी यादव ने बिहार में चरणबद्ध आंदोलन का किया ऐलान
बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना में हुई एक अहम बैठक के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी…
बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना में हुई एक अहम बैठक के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लोकतंत्र को बचाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने की घोषणा की। उन्होंने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम करने और चुनावी प्रक्रिया में धांधली करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
यह बैठक इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों को बिहार में लागू करने की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई थी। इसमें राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दलों समेत कई घटक दलों के नेता शामिल हुए।
आंदोलन की रूपरेखा
एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने विरोध प्रदर्शनों का पूरा खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता हर प्रखंड में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'आक्रोश मार्च' निकालेंगे। इसके अगले दिन, 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पटना में विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता विधानसभा से राजभवन तक मार्च करेंगे और राज्यपाल से मिलने का प्रयास करेंगे।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनावी धांधली की शुरुआत बिहार से ही हुई थी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका इस्तेमाल भाजपा को चुनाव जिताने के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से जीवित लोगों के नाम काटकर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिसका एक मामला उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक ले गई थी। यादव ने चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि को एक साल से घटाकर 45 दिन करने के फैसले पर भी सवाल उठाए, जिससे कथित अनियमितताओं के सबूत सुरक्षित न रह सकें।
इसके अलावा, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाने और उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल करने के निर्णय की भी आलोचना की। यादव ने दावा किया कि चुनाव के दौरान पैसे बांटे गए, लेकिन आयोग ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे सभी दलों को समान अवसर नहीं मिल पाया।
आगे की रणनीति और मांगें
यादव ने जानकारी दी कि इंडिया गठबंधन देश के चार-पांच प्रमुख स्थानों पर बड़ी जनसभाएं करने की योजना बना रहा है, जिनमें से एक रैली पटना में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिक मांग निष्पक्ष चुनाव और सभी दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। बैठक में वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी, सीपीआई (एमएल) के धीरेंद्र झा, और कांग्रेस के कपिल देव प्रसाद समेत कई नेता मौजूद रहे।
इनपुट: IANS



