पटना-लखनऊ फ्लाइट पर गिरी आसमानी बिजली, यात्री ने सुनाया दहशत भरा अनुभव
पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की एक उड़ान में उस वक्त यात्रियों की सांसें अटक गईं, जब खराब मौसम के बीच करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान पर आसमानी बिजली गिर पड़ी। इस घटना में विमान का अगला हिस्सा (नोज)…
पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की एक उड़ान में उस वक्त यात्रियों की सांसें अटक गईं, जब खराब मौसम के बीच करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान पर आसमानी बिजली गिर पड़ी। इस घटना में विमान का अगला हिस्सा (नोज) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन पायलट ने अपनी सूझबूझ से विमान को सुरक्षित लखनऊ में उतार लिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना बुधवार को इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E925 में हुई थी।
इसी विमान में सवार विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने यात्रा के उस खौफनाक मंजर को बयां किया है। उन्होंने बताया कि उड़ान भरने के लगभग 30 मिनट बाद अचानक एक ज़ोरदार 'तड़ाम' की आवाज़ आई। उन्हें लगा कि शायद इंजन में कोई खराबी आ गई है।
“लगा आज आखिरी दिन है”
गोपाल राय ने IANS को बताया, "फ्लाइट 10-10 फीट करके लगभग 100 फीट नीचे चली गई और फिर जोर लगाकर ऊपर आई। यह फ्री फॉल जैसा था, मतलब 100 फीट नीचे जाना और फिर 200-300 फीट ऊपर आ जाना।" उन्होंने कहा कि विमान का संतुलन बिगड़ा हुआ लग रहा था और एक पल के लिए उन्हें लगा कि पायलट नशे में हो सकता है, लेकिन क्रू मेंबर ने इससे इनकार किया।
उनके मुताबिक, विमान में मौजूद 100 से ज्यादा यात्रियों ने मान लिया था कि वे नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा, "हम ही नहीं, फ्लाइट में मौजूद सभी लोगों ने समझ लिया था कि आज आखिरी दिन है, लेकिन प्रभु श्री राम की कृपा से हम सब बच गए।"
विमान के अंदर का माहौल
राय ने बताया कि विमान में बच्चे रो रहे थे और दहशत का माहौल था। उन्होंने एक 30 वर्षीय महिला डॉक्टर का जिक्र किया जो अयोध्या की थीं। वह रोते-रोते अपनी मां को संदेश भेज रही थीं, "मम्मी, अब नहीं लगता कि बचूंगी।"
बाद में जब विमान स्थिर हुआ तो क्रू मेंबर ने बताया कि कभी-कभी मौसम की वजह से ऐसा हो जाता है। लैंडिंग के बाद पायलट ने भी स्वीकार किया कि 25 साल के उनके करियर में ऐसा अनुभव पहली बार हुआ था।
पायलट के लिए 'भारत रत्न' की मांग
गोपाल राय ने पायलट की जमकर तारीफ की, जिनकी सूझबूझ से करीब 150 लोगों की जान बची। उन्होंने कहा, "मैं पायलट को बधाई देना चाहता हूं। मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि ऐसे पायलट को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कोई भी घबरा सकता है, लेकिन पायलट ने अपना आपा नहीं खोया और सभी को सुरक्षित लखनऊ पहुंचा दिया।
इनपुट: IANS



