झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया
झारखंड की राजनीति के एक अनुभवी चेहरे और पलामू से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने 12 अक्टूबर को एक अधिसूचना…
झारखंड की राजनीति के एक अनुभवी चेहरे और पलामू से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने 12 अक्टूबर को एक अधिसूचना जारी कर उनकी नियुक्ति की घोषणा की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वह मौजूदा राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे।
इस नियुक्ति को झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य के एक वरिष्ठ नेता को एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लंबा राजनीतिक और संसदीय अनुभव
1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार (अब झारखंड के लातेहार जिले) के चंदवा में जन्मे ब्रज मोहन राम का राजनीतिक सफर अविभाजित बिहार से ही शुरू हो गया था। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और पलामू संसदीय क्षेत्र से लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीता।
उनका संसदीय कार्यकाल इस प्रकार रहा:
- 11वीं लोकसभा (1996-1998)
- 12वीं लोकसभा (1998-1999)
- 13वीं लोकसभा (1999-2004)
सांसद के तौर पर उन्होंने ऊर्जा, रेलवे, परिवहन और पर्यटन जैसी कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त, वह कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़ी समितियों के भी सदस्य रहे।
व्यक्तिगत और सांगठनिक जीवन
ब्रज मोहन राम ने रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएस कॉलेज, लोहरदगा से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उनके पिता का नाम अर्जुन राम बैठा और माता का नाम चैती देवी है। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने झारखंड प्रदेश भाजपा में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
इनपुट: IANS



