भारत अब रक्षा निर्यात में 38,000 करोड़ का लक्ष्य रख रहा है : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का लक्ष्य रक्षा निर्यात को 38,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाना है, जो 2013-14 में मात्र 686 करोड़ रुपये था। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का लक्ष्य रक्षा निर्यात को 38,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाना है, जो 2013-14 में मात्र 686 करोड़ रुपये था। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत में बने रक्षा उत्पाद लगभग 200 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिससे देश की प्रतिष्ठा और वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारा लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण है जो शांति का पक्षधर होने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग हो और अपनी संप्रभुता, अखंडता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम भी हो।" उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना की तैयारी नहीं, बल्कि राष्ट्र के संकल्प और सामर्थ्य का भी प्रतिबिंब है।
आतंकवाद पर सख्त चेतावनी
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर भविष्य में उसकी तरफ से कोई भी आतंकी हरकत हुई तो भारत इस बार पहले से भी बड़ा प्रहार करेगा। उन्होंने 2016 के उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा, "जब-जब आतंकवादियों ने भारत की धरती को लहूलुहान करने की कोशिश की, तब-तब भारत ने करारा जवाब दिया है। उस जवाब की गूंज आज तक आतंकवादियों के आकाओं को सुनाई देती होगी।"
स्वदेशीकरण और आधुनिकीकरण पर जोर
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के बढ़ते कदमों का उल्लेख करते हुए सिंह ने बताया कि भारतीय सेना के शस्त्र भंडार में अब 175 में से 159 प्रकार के गोला-बारूद स्वदेशी हैं, जो 90 प्रतिशत से अधिक की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को तकनीक-आधारित युद्ध का एक शानदार नमूना बताया, जिसमें आकाश तीर, आकाश मिसाइल और ब्रह्मोस जैसी उन्नत प्रणालियों का इस्तेमाल हुआ।
रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा अब भारतीय उद्योगों से खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि रक्षा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई है और देश में 16,000 से अधिक MSME और हजारों सप्लाई यूनिट्स का एक नया रक्षा औद्योगिक परिवार तैयार हो रहा है।
इनपुट: IANS



