PAK सेना प्रमुख जनरल बाजवा को सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ा छोड़ना पर सकता है पद !

0
PAK
PAK

पाकिस्तानी के सुप्रीम कोर्ट ने आर्मी चीफ जनरल बाजवा के खिलाफ एक फरमान सुनाया, इमरान सरकार ने आर्मी चीफ जनरल बाजवा का कार्यकाल को 3 साल बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया है, उससे पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सरासर नकार दिया , कोर्ट के मुताबिक इमरान सरकार का यह प्रस्ताव वाजिब नहीं है।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा को तीन साल का कार्यकाल बढ़ाने के फैसले को निलंबित कर के पाकिस्तान में भूचाल ला दिया है. ना सिर्फ पाकिस्तानी सियासतदान बल्कि सैन्य अधिकारी भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सकते में हैं.दरअसल, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा इसी 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. लेकिन उनकी रिटायरमेंट के 3 महीने पहले ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक अधिसूचना जारी कर बाजवा का कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ा दिया गया था. 19 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री कार्यालय ने जनरल बाजवा के सेवा विस्तार को मंजूरी दी थी और इसकी अधिसूचना राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पास भी भेजी गई थी. राष्ट्रपति ने भी इस पर हस्ताक्षर कर दिए थे।

लेकिन पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए यह कहा की यह नियम के खिलाफ है। कार्यकाल के किसी भी विस्तार पर कोई भी अधिसूचना चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के मौजूदा कार्यकाल के पूरा होने के बाद ही जारी किया सकता है उससे पहले नहीं।

पाकिस्तान में सेनाध्यक्ष की रीअपाइंटमेंट तो मुमकिन है मगर एक्सटेंशन नहीं हो सकता है. और इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने जनरल बाजवा के कार्यकाल विस्तार की अधिसूचना पर सवाल उठाया गया।

यह भी पढ़ें : कश्मीरी पंडितों की घर वापसी पर तिलमिला उठा पाकिस्तान

इसके साथ ही अदालत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद बाजवा की कुर्सी खतरे में है यानी सरकार अगर बाजवा को सेनाध्यक्ष बनाए रखना चाहती है तो पहले उसे बाजवा के रिटायर होने का इंतज़ार करना होगा सवाल यह भी उठता है की इमरान सरकार को इतनी क्या जल्दी थी बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने की वो उनके रिटायरमेंट तक भी नहीं रुक सकते थे। माना यह भी जाता है की इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल बाजवा के बीच संबध काफी अच्छे है और इमरान खान को सरकार बनाने में भी काफी मदद की।