गौतमबुद्धनगर: पड़ोसी से बदला लेने के लिए शख्स ने खुद पर चलवाई गोली, साजिश में बेटे-रिश्तेदार समेत 3 गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी को झूठे केस में फंसाने के लिए एक खतरनाक साजिश रच डाली। उसने अपने ही रिश्तेदारों से खुद पर गोली चलवाई और फिर पड़ोसी…
ग्रेटर नोएडा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी को झूठे केस में फंसाने के लिए एक खतरनाक साजिश रच डाली। उसने अपने ही रिश्तेदारों से खुद पर गोली चलवाई और फिर पड़ोसी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले हरेन्द्र नागर ने अपने पड़ोसी विकास सैन से हुई एक मामूली कहासुनी का बदला लेने की ठानी। इसके लिए उसने अपने बेटे, साले और भतीजे समेत पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर यह योजना बनाई कि विकास को किसी गंभीर आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाए।
साजिश का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
अपनी योजना को अंजाम देने के लिए हरेन्द्र ने अपने भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ और साले अतुल भाटी को घर बुलाया। वहां उसने सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर फायरिंग करवाई ताकि घटना वास्तविक लगे। इसके बाद उसने विकास सैन के खिलाफ दादरी थाने में शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो उन्हें घटनाक्रम संदिग्ध लगा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर साजिश की परतें खोल दीं।
पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को बिसाहड़ा अंडरपास से तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान प्रतीक उर्फ कलुआ (26), अतुल भाटी (29) और अभिषेक नागर (25) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रतीक पीड़ित हरेन्द्र का भतीजा, अतुल उसका साला और अभिषेक उसका अपना बेटा है।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों में से अतुल भाटी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ दादरी, सूरजपुर और बीटा-2 थानों में मारपीट, घर में घुसकर हमला करने, चोरी और लूट जैसे कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हुआ एक अवैध तमंचा, दो कारतूस, एक सीपी प्लस कंपनी का डीवीआर और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में यह भी पता चला है कि खुद पर गोली चलवाने वाले हरेन्द्र नागर के भाई सतेन्द्र उर्फ सत्ते को भी 2007 के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



