शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी बोले- 'ऑफिस-ऑफिस' की तरह न भटके नागरिक, लोकसेवक का रिपोर्ट कार्ड है जनता की संतुष्टि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने पर जोर देते हुए कहा है कि किसी भी लोकसेवक का असली रिपोर्ट कार्ड नागरिकों की संतुष्टि है। उन्होंने…

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी बोले- 'ऑफिस-ऑफिस' की तरह न भटके नागरिक, लोकसेवक का रिपोर्ट कार्ड है जनता की संतुष्टि
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने पर जोर देते हुए कहा है कि किसी भी लोकसेवक का असली रिपोर्ट कार्ड नागरिकों की संतुष्टि है। उन्होंने लोकप्रिय टीवी सीरियल 'ऑफिस-ऑफिस' का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक आम आदमी अपने छोटे से काम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटता है, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन में 'मिशन कर्मयोगी' के तहत आयोजित एक कार्यशाला में सीएम योगी ने यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी बुजुर्ग, महिला, किसान या जरूरतमंद को बिना समाधान के निराश लौटना पड़े, तो लोक सेवा का उद्देश्य ही विफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि समस्याओं को जानबूझकर लटकाना या जानकारी के अभाव में समाधान न कर पाना, दोनों ही स्थितियां प्रशासन के लिए गंभीर हैं।

क्षमता विकास के लिए तीन अहम घोषणाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रशासनिक सुधार के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। इनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करना, पंचायतों और नगर निकायों के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना, और 'राइट पर्सन फॉर द राइट रोल' यानी सही काम के लिए सही व्यक्ति की तैनाती की व्यवस्था को प्रभावी बनाना शामिल है।

योग्यता के आधार पर मिलेगी तैनाती और पदोन्नति

सीएम योगी ने कहा कि अब अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता, उनकी उपलब्धियों और सक्सेस स्टोरी को उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) और पदोन्नति से जोड़ा जाएगा। उन्होंने क्षमता विकास आयोग से इस दिशा में उपाम के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक अयोग्य व्यक्ति का जिम्मेदार पद पर होना और एक लापरवाह व्यक्ति का वहां बने रहना, दोनों ही खतरनाक हैं।

तकनीक के साथ सेवा भाव भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक शासन का स्वरूप बदल रहे हैं, लेकिन प्रशासन को संवेदनशील उसका सेवा भाव ही बनाएगा। उन्होंने गोरखपुर में सड़क निर्माण का एक उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे व्यावहारिक समझ की कमी के कारण एक प्रोजेक्ट ने स्थानीय नागरिकों के लिए समस्या खड़ी कर दी थी। उन्होंने कहा कि सिर्फ डिग्री और नियुक्ति पत्र किसी को सक्षम अधिकारी नहीं बनाते, बल्कि नई तकनीक अपनाने और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता भी जरूरी है।

भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग और उपाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस 'साधना श्रृंखला' की उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक सरकारी कर्मी आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत हैं और लगभग चार करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कर चुके हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से उत्तर प्रदेश से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →