ओडिशा SI भर्ती घोटाला: ED ने 10 ठिकानों पर की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज
ओडिशा के चर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2024 के प्रश्न पत्र लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी की भुवनेश्वर इकाई ने शुक्रवार…
ओडिशा के चर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2024 के प्रश्न पत्र लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी की भुवनेश्वर इकाई ने शुक्रवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मामले के मुख्य आरोपी शंकर प्रुस्टी और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई।
यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में ओडिशा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ था, जब आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा पर इच्छापुरम के पास तीन बसों को रोका गया था। इन बसों में 114 उम्मीदवार सवार थे, जिन्हें कथित तौर पर 5 और 6 अक्टूबर, 2025 को होने वाली SI भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचा जा रहा था।
कैसे हुआ था घोटाले का खुलासा?
जांच में यह बात सामने आई थी कि हर उम्मीदवार से प्रश्न पत्र के बदले 15 से 30 लाख रुपए नकद लिए जा रहे थे। आरोप है कि पेपर लीक करने में परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनियों से जुड़े लोग ही शामिल थे। आरोपियों ने गारंटी के तौर पर उम्मीदवारों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी अपने पास रख लिए थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सिफारिश पर केस ओडिशा क्राइम ब्रांच से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था। अब ईडी इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है।
जांच के दायरे में दो कंपनियां
ईडी की जांच में दो कंपनियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मेसर्स सिलिकॉन टेकलैब प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड समेत उनके निदेशकों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच में पता चला है कि आरोपी शंकर प्रुस्टी की कंपनी पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज और सिलिकॉन टेकलैब के बीच परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही वित्तीय लेन-देन हुआ था। ईडी के एक सूत्र ने बताया, "ऐसी संस्थाएं पूरी परीक्षा प्रक्रिया से गहराई से जुड़ी हुई पाई गई हैं।" एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (OPRB) और अन्य कंपनियों के लोगों की भी इसमें कोई भूमिका थी।
इनपुट: IANS



