त्योहारी मौसम की शुरुआत में महंगाई का झटका: रसोई गैस से हवाई सफ़र तक, जानें क्या-क्या हुआ महंगा
त्योहारों और शादियों के व्यस्त मौसम की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के बजट पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। अक्टूबर महीने के पहले दिन से ही कई ज़रूरी चीज़ों और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। समाचार…
त्योहारों और शादियों के व्यस्त मौसम की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के बजट पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। अक्टूबर महीने के पहले दिन से ही कई ज़रूरी चीज़ों और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमर्शियल गैस सिलेंडर से लेकर हवाई ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक सामान तक महंगे हो गए हैं, जिसका सीधा असर होटल कारोबारियों, यात्रियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ना तय है।
सरकार ने सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट आवेदन शुल्क में भी इज़ाफ़ा किया है। यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने या उसे रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो अब आपको 1,000 रुपए तक अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। इससे विदेश यात्रा, पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की लागत बढ़ जाएगी।
होटल-रेस्तरां का खाना महंगा होने की आशंका
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 62.50 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 2,810 रुपए हो गई है, जबकि मुंबई में यह 2,764 रुपए का मिल रहा है। सबसे ज़्यादा 71.50 रुपए की वृद्धि पटना में दर्ज की गई है। त्योहारों और शादियों के मौसम में मांग बढ़ने से होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग उद्योग की लागत बढ़ेगी, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर डाला जा सकता है।
हवाई सफ़र पर भी असर
अक्टूबर से विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी 16 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। विमानन उद्योग के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर ही होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और वे दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान बढ़ते यात्री दबाव के बीच हवाई किराए बढ़ा सकती हैं।
त्योहारों में नए उपकरण खरीदना भी हुआ महंगा
त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों को भी झटका लगा है। वैश्विक बाज़ार में कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों ने घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दाम बढ़ा दिए हैं। उद्योग सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट टीवी, स्प्लिट एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब है कि ग्राहकों को हर उत्पाद के लिए करीब 1,200 रुपए से 3,500 रुपए तक ज़्यादा देने पड़ सकते हैं।
इनपुट: IANS



