गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) अगले 5 साल तक जारी, सरकार ने ₹53,428 करोड़ मंजूर किए

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाले राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला…

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) अगले 5 साल तक जारी, सरकार ने ₹53,428 करोड़ मंजूर किए
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाले राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के लिए ₹53,428 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से देशभर के लगभग 3 करोड़ 20 लाख लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

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सरकार के इस कदम का सूरत स्थित 'डिसेबल्ड वेलफेयर ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के संस्थापक और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. कनुभाई टेलर ने स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला बताया। उनके मुताबिक, दिव्यांगता के कारण जिन्हें नौकरी या रोजगार पाने में मुश्किल होती है, उनके लिए यह आर्थिक सहायता सम्मानजनक जीवन जीने में मददगार साबित हो सकती है।

“दिव्यांगजनों के लिए एक अहम कदम”

डॉ. टेलर ने कहा कि दिव्यांगों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले पात्रता के नियम बहुत कड़े हुआ करते थे, लेकिन दिव्यांगता की सीमा 40 प्रतिशत निर्धारित करना एक बड़ा सुधार है, जिससे अब ज्यादा लोग योजना के दायरे में आ सकेंगे। उन्होंने कहा, "भारत सरकार को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से अब तक इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी दिव्यांगजनों के लिए कुछ करने की जरूरत को समझते हैं।"

प्रधानमंत्री की सराहना

डॉ. कनुभाई टेलर ने प्रधानमंत्री को एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के उनके निरंतर प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने अपनी एक पुरानी मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि जब नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब पदभार संभालने के लगभग 20 मिनट के भीतर ही उनकी मुलाकात हुई थी और उस समय भी उन्होंने दिव्यांगों के कल्याण के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की थी। डॉ. टेलर के अनुसार, आज प्रधानमंत्री के रूप में उनके प्रयास उसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन कार्यक्रमों से जरूरतमंद लोगों को निरंतर मदद मिलती रहेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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