निर्भया की माँ का दर्द, कहा “सोच बदलनी चाहिए”।

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Nirbhaya Case
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निर्भया केस में आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, इससे पहले निर्भया की मां आशा देवी ने ‘आज तक’ से बात करते हुए कहा कि पिछले 5 साल में कई बार खुद को टूटा हुआ महसूस किया, कई बार लगा की न्याय नहीं मिलेगा. लेकिन जिस दिन का हमें इंतजार था, इस दिन के लिए मैं सभी देशवासियों का धन्यवाद करती हूं.

सरकार को ऐसे वारदातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
निर्भया की माँ ने कहा “ज्योति (निर्भया) को कोई जानता भी नहीं था तब भी लोग उसका साथ देने से पीछे नहीं हटे, लेकिन चिंता की बात यह है की ऐसे हादसे और वारदातें अब भी हो रही है और सरकार फैसला सुनाने में इतना ही समय लगाती है,

उन्होंने यह भी कहा की सिर्फ और सिर्फ टीवी पर बात या डिबेट करने से इसका हल नहीं निकलेगा, सभी को अपनी सोच बद से बत्तर नहीं बेहतर बनानी चाहिए, इन वारदातों को लेकर जबतक कोई कड़ा कानून नहीं बनेगा यह वारदातें देखने को मिलती रहेंगी,

लोग बोल देते है हम महिलाओं का खूब सम्मान करते है लेकिन अमल नहीं कर पाते, लोगो के साथ ही साथ सरकार को भी अपनी सोच बदलने की बहुत ज़रुरत है इन वारदातों का का हल निकलना बहुत मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं,

आशा देवी ने कहा, अपराधियों का साथ देने वाले बहुत लोग है, लोग अपराधियों के लिए तुरंत खड़े होकर बोलते है बच्चा है समझ नहीं है, और लड़कियों को बोलते है इतनी लेट क्यों आरही थी, लड़को के साथ क्यों थी, इतनी लेट मेट्रो से क्यों आ रही थी, इतनी लेट फिल्म देखने क्यों गयी थी
हमारा एक सवाल क्या फिल्म थिएटर सिर्फ लड़को के लिए बने है?
निर्भया की मां ने कहा कि हमें फैसले को लेकर डर तो है कि कोर्ट का क्या फैसला आएगा, लेकिन उम्मीद है. हमारी बच्ची का दर्द बहुत बड़ा है, उसका दर्द या तो वह समझ पाई या फिर मां होने के नाते मैं कर पाई. उन्होंने कहा कि अगर आज उन्हें फांसी नहीं मिली तो कभी हमारे समाज में बेटियों और महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा.

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