NSCN(IM) हथियार खरीद मामला: थाई नागरिक विली नारुएनार्टवानिच को 6 साल की सज़ा, NIA कोर्ट का फैसला
नगा उग्रवादी संगठन NSCN(आईएम) से जुड़े एक दशक पुराने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने थाईलैंड के नागरिक को दोषी ठहराते हुए 6 साल की सज़ा सुनाई है। दोषी विली…
नगा उग्रवादी संगठन NSCN(आईएम) से जुड़े एक दशक पुराने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने थाईलैंड के नागरिक को दोषी ठहराते हुए 6 साल की सज़ा सुनाई है। दोषी विली नारुएनार्टवानिच पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला NSCN(आईएम) द्वारा अपने सशस्त्र कैडरों के लिए विदेश से बड़े पैमाने पर हथियार और गोला-बारूद खरीदने की साजिश से जुड़ा है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राऊज एवेन्यू स्थित एनआईए मामलों की विशेष अदालत-03 ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले अदालत ने 24 सितंबर को विली नारुएनार्टवानिच को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी और 122 के अलावा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 18 के तहत दोषी करार दिया था।
क्या थी पूरी साजिश?
इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही थी, जिसने गृह मंत्रालय के आदेश पर 13 जनवरी, 2010 को केस दर्ज किया था। जांच के अनुसार, यह साजिश भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के इरादे से रची गई थी।
एनआईए की जांच में सामने आया कि बैंकॉक में रहने वाला थाई व्यवसायी विली नारुएनार्टवानिच (जिसे मिस्टर वुथिकॉर्न नारुएनार्टवानिच भी कहा जाता है) इस हथियार सौदे में मुख्य साजिशकर्ता और बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। उसने NSCN(आईएम) के मुख्य हथियार खरीदार एंथनी शिमरे के साथ मिलकर काम किया और चीनी हथियार कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत कराई।
12 लाख डॉलर का था सौदा
जांच में यह भी पता चला कि हथियारों की खरीद और उन्हें भारत तक पहुंचाने की इस पूरी व्यवस्था की कीमत करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) थी। अदालत का यह फैसला NSCN(आईएम) द्वारा हथियार जुटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



