2019 लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की नयी रणनीति : News4Social ने ट्विटर वार का किया बड़ा खुलासा

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पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के सीमाओ पर तनावपूर्ण स्थिति है, जिसमे कि भारत के 44 जवान शहीद हो गये है, और अब जबकि लोकसभा चुनाव मे मात्र 2 महीने बचे हुए है, राजनीतिक दलों के बीच मे ‘ट्विटर वार’ भी जोर पकड़ता नजर आ रहा है. सभी राजनीतिक दल अपने ‘एजेंडे’ का प्रचार-प्रसार करने के लिए ‘सोशल मीडिया’ का पुरजोर इस्तेमाल कर रहे हैं. सभी राजनीतिक दल पीआर मैनेजमेंट करने के लिए और ‘परसेप्शन’ का निर्माण करने के लिए इंडिपेंडेंट एजेंसी पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.

अलग-अलग पार्टीयों के प्रतिनिधियों के बीच मे ट्विटर, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से उभर कर सामनें आया है. और ये सब बदलाव 2014 के बाद हुआ है. इन सब ट्विटर बेस्ड कैम्पेन का प्रयोग किसी भी पार्टी के पाले मे ‘हवा बनाने’ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. निसंदेह ‘सोशल मीडिया’ हवा बनाने का एक महवपूर्ण जरिया बन गया है.

इन ‘ट्विटर वार्स’ की महत्ता इस बात से भी समझी जा सकती है कि बड़े-बड़े राजनेता जिसमे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गाँधीभी शामिल हैं, इन ट्विटर वार्स के आरोप-प्रत्यारोप के दौर मे शामिल होते रहते हैं. इनसब के बीच में अपने फालोवेर्स के बीच में हैशटैग कैम्पेन शुरू करने में ये राजनेता भी पीछे नहीं है.

हालाँकि, इन सभी सफलतापूर्ण ट्विटर कैम्पेन की सफलता के पीछे प्रोफेशनल डिजिटल मार्केटिंग और पीआर मे महारथ पायी कम्पनीयों का हाथ है. News 4 Social के मुताबिक, जो की एक Online Hindi News Portal है “लगभग सभी पीआर कैम्पेन अलग-अलग पार्टियों के द्वारा ही संचालित किया जा रहा है. ये सारी कम्पनी इन सभी राजनितिक दलों को ‘ट्विटर हैशटैग सर्विस’ उपलब्ध करवा रही हैं. इन सभी प्रोफेशनल कम्पनी का प्रयोग किसी भी राजनीतिक दल का एजेंडा आगे करने के लिए किया जा रहा है.

News4social ने ‘Social King कम्पनी के CEO शुभम Kumar गुप्ता से बात की. Social King एक डिज़िटल मार्केटिंग कम्पनी है, जिसका आफिस दिल्ली मे स्थित है. Social King कई राजनेताओं के लिए उनके सोशल मीडिया के प्लेटफार्मस का संचालन करती है, आजकल सोशल मीडिया मार्केटिंग मे ये सबसे सक्रिय कम्पनी है. मि. गुप्ता ने कहा, ‘हम पहले ग्राउंड लेवल पर जा कर अपने क्लाइंट की स्थिति और परिस्थिति को समझते है और उसके बाद ही ग्राउंड लेवल से उसके कैम्पेन को शुरू करते हैं, हम ट्विटर कैम्पेन, पीआर जैसी चीजों का ग्राहक की ज़रूरतों के हिसाब से उपलब्ध करातें है |

इस बारे मे एक महत्वपूर्ण बात ये भी है की ये कंपनियां अपनी सभी सामरिक गतिविधियों को गुप्त रूप से करती है. और जहा तक संभव होता है अपने ग्राहक की पहचान उजागर नहीं करती है. जब हमने पूछा की क्या आप अपने ग्राहकों के बारें मे जानकारी दे सकते है ? सोशल किंग के सीईओ ने अपनी सख्त कम्पनी पालिसी का हवाला देते हुए मना कर दिया.

अब जबकि लोकसभा चुनाव सर पर है, और इस सोशल मीडिया वार के ज़माने में तो राजनेताओं और उनकी पार्टियों दोनों के लिए डिजिटल मार्केटिंग कम्पनीयां और पीआर कम्पनीयां एक महत्वपूर्ण सहयोगी बन चुकी है |