‘बांग्लादेश जैसी क्रांति’ पर आइसा अध्यक्ष के बयान से सियासी बवाल, CM योगी और धामी ने विपक्ष को घेरा
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के एक बयान को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है, जिसमें उन्होंने ‘बांग्लादेश की जेनजी क्रांति’ को प्रेरणा बताया था। इस टिप्पणी के…
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के एक बयान को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है, जिसमें उन्होंने ‘बांग्लादेश की जेनजी क्रांति’ को प्रेरणा बताया था। इस टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों मुख्यमंत्रियों ने भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात करने वालों की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। उन्होंने लिखा, “बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं।”
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव सुधार का मुखौटा लगाकर और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं। जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने भी साधा निशाना
इस विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में सवाल किया, “बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात करने वालों को आखिर जनता के जनादेश पर भरोसा क्यों नहीं है?”
सीएम धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा, “लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में नाकाम कांग्रेस के शहजादे अब अराजकता के सहारे सत्ता परिवर्तन का रास्ता तलाश रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर और अशांति का माहौल बनाकर सत्ता हासिल करने के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। धामी के अनुसार, लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता सिर्फ जनता के वोट से होकर जाता है।
इनपुट: IANS



