NCP Crisis: भतीजे अजित की बगावत के 28 दिन बाद शरद पवार ने BJP के लिए ढूंढ लिया ‘चाणक्य’ प्लान!

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NCP Crisis: भतीजे अजित की बगावत के 28 दिन बाद शरद पवार ने BJP के लिए  ढूंढ लिया ‘चाणक्य’ प्लान!

NCP Crisis: भतीजे अजित की बगावत के 28 दिन बाद शरद पवार ने BJP के लिए ढूंढ लिया ‘चाणक्य’ प्लान!

मुंबई: कुछ दिन पहले अजित पवार ने विधायकों का एक गुट लेकर शरद पवार से बगावत कर दी थी। इसके बाद अजित पवार एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस बीच अजित पवार के गुट की ओर से शरद पवार पर बीजेपी से हाथ मिलाने का दबाव भी डाला गया। हालांकि, शरद पवार ने बीजेपी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया है। शरद पवार ने फिर से मजबूती से खड़े होने का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र भर में दौरे भी शुरू कर दिए हैं। अब शरद पवार ने भतीजे अजित पवार और बीजेपी को कमजोर करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। माना जा रहा है कि शरद पवार के इस कदम से बीजेपी को सबसे काफी नुकसान होने की आशंका है। आइए जानते हैं शरद पवार के वो तीन प्लान।

प्लान-1
एनसीपी के विभाजन के बाद शरद पवार ने फिर से पार्टी को मजबूत करने का काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो शरद पवार ने इसके लिए तीन योजनाएं तैयार की हैं। पहले प्लान के मुताबिक शरद पवार पार्टी के पुनः निर्माण यानी फिर से संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाएंगे हैं। इसके मुताबिक राज्य के महत्वपूर्ण जिलों और तहसीलों में शरद पवार की सभाएं होंगी। शरद पवार इस क्षेत्र के लोगों से बातचीत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक कि शरद पवार सबसे ज्यादा फोकस उस क्षेत्र पर करेंगे जहां एनसीपी का दबदबा है। इन जगहों पर शरद पवार यह सुनिश्चित करेंगे कि भले ही विधायक, सांसद या फिर बड़े नेता चले जाएं लेकिन कार्यकर्ता और लोग उनके साथ रहें।

प्लान-2
शरद पवार की दूसरी योजना के मुताबिक वह जल्द ही वैकल्पिक नेतृत्व तैयार करेंगे। पार्टी छोड़ने वाले विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में वैकल्पिक नेतृत्व तैयार किया जाएगा। पार्टी के पूर्व विधायकों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। पार्टी द्वारा उन्हें ताकत और रसद मुहैया करायी जायेगी। शरद पवार इस बात पर जोर देंगे कि पूर्व विधायक चुनाव लड़ें। इसके लिए उन्हें तैयार किया जाएगा।

प्लान-3
शरद पवार की तीसरा प्लान बीजेपी के लिए खतरनाक होने की आशंका है। इसके मुताबिक, शरद पवार उन पूर्व विधायकों को अपने साथ लेने जा रहे हैं जिनका बीजेपी ने टिकट काट दिया था, या जिन्हें इस बार टिकट मिलने की उम्मीद कम है। कहा जा रहा है कि इन पूर्व विधायकों को एनसीपी में ले जाकर उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। बीजेपी ने पूर्व विधायकों की अनदेखी की है। उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया जायेगा। बीजेपी के कई पूर्व विधायक हैं जो फ़िलहाल हाशिये पर हैं। शरद पवार ऐसे पूर्व विधायकों पर फोकस करेंगे जो राजनीति में फिर से सक्रिय होना चाहते हैं लेकिन उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं मिल पा रहा है। दरअसल बीजेपी में दुसरे दलों के नेताओं को शामिल कराकर अच्छे पद दिए गए हैं लेकिन पार्टी में पहले से मौजूद नेताओं को तवज्जो नहीं मिल रही है।

इसलिए शरद पवार इन असंतुष्ट और बेचैन विधायकों पर नजर रख रहे हैं और उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं। अगर शरद पवार इन पूर्व विधायकों को तोड़ने में सफल हो गए तो बीजेपी के लिए सिरदर्द बढ़ सकता है। शरद पवार मौजूदा विधायकों का सामना करने के लिए पूर्व विधायकों डोरे डालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन देखना होगा कि शरद पवार इसमें कितना सफल होते हैं।

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