सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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नौसेना के शीर्ष कमांडर दिल्ली में करेंगे बैठक, समुद्री सुरक्षा और युद्धक तैयारियों पर होगी चर्चा

भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अहम चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए नई दिल्ली में जुट रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह तीन दिवसीय…

नौसेना के शीर्ष कमांडर दिल्ली में करेंगे बैठक, समुद्री सुरक्षा और युद्धक तैयारियों पर होगी चर्चा
(फोटो: IANS)

भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अहम चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए नई दिल्ली में जुट रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह तीन दिवसीय नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नौसेना भवन में आयोजित की जाएगी। यह सम्मेलन नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय आयोजन है, जो सिर्फ नियमित समीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि सैन्य-रणनीतिक स्तर पर तैयारियों का व्यापक आकलन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।

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इस बार की यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिससे समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है। ऐसे में भारतीय नौसेना की भूमिका और उसकी रणनीतिक तैनाती सम्मेलन के प्रमुख विषयों में से एक रहने की संभावना है। नौसेना के अनुसार, 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' जैसे अभियानों ने हिंद महासागर क्षेत्र में एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा साझेदार के रूप में उसकी स्थिति को और मजबूत किया है।

सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे और भागीदार

इस कॉन्फ्रेंस में नौसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ ऑपरेशनल तैनाती पर कार्यरत कमांडर भी शामिल होंगे। सम्मेलन के पहले दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडरों को संबोधित करेंगे, जिसमें वह राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर सरकार का दृष्टिकोण और नौसेना से देश की अपेक्षाओं को सामने रखेंगे। इसके अलावा, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और सैन्य एकीकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और थल सेनाध्यक्ष भी नौसेना कमांडरों के साथ संवाद करेंगे।

तकनीक, आत्मनिर्भरता और भविष्य की तैयारी

सम्मेलन के अगले दो दिनों में नौसेना प्रमुख और कमांडर-इन-चीफ अभियान, सैन्य सामग्री, रसद, मानव संसाधन और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे। युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिग डेटा एनालिसिस, स्वायत्त प्रणालियों और साइबर अभियानों जैसी नई तकनीकों को तेजी से अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। चर्चा का केंद्र केवल इन तकनीकों को शामिल करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक सैन्य अभियानों में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करना भी होगा। यह आयोजन नौसेना के द्विवार्षिक कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का 2026 में होने वाला दूसरा संस्करण है। नौसेना की भविष्य की क्षमता को आकार देने की यह पूरी प्रक्रिया संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के तीन स्तंभों पर आधारित होगी, जो सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों के अनुरूप है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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