जम्मू-कश्मीर: उमर अब्दुल्ला के खिलाफ नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत? बीजेपी का 10-12 विधायकों की गुप्त बैठक का दावा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व को लेकर गंभीर असंतोष पनप रहा है। समाचार एजेंसी IANS से…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व को लेकर गंभीर असंतोष पनप रहा है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने आरोप लगाया कि पार्टी की नीतियों और कामकाज के तरीके से नाखुश लगभग 10-12 विधायकों ने हाल ही में एक और गुप्त बैठक की है।
ठाकुर के अनुसार, यह पिछले एक सप्ताह में नाराज विधायकों की दूसरी 'बंद कमरे में' हुई बैठक थी। उन्होंने दावा किया कि एनसी के कुल 26 विधायक पार्टी नेतृत्व, विशेषकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के काम करने के तौर-तरीकों और विधायकों के कथित अपमान से असंतुष्ट हैं।
आगा रुहुल्ला और तीसरी ताकत की संभावना
श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला के इस्तीफे और उनके भविष्य पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि रुहुल्ला एक 'तीसरी राजनीतिक ताकत' के रूप में उभर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके राजनीतिक भविष्य पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ठाकुर ने कहा, "रुहुल्ला का नया राजनीतिक मंच अभी शुरुआती चरण में है, इसे स्थापित होने, संगठन बनाने और अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में समय लगेगा।"
अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उस बयान पर, जिसमें रुहुल्ला से पूछा गया था कि वे अपने कार्यकाल में अनुच्छेद 370 बहाल क्यों नहीं कर पाए, अल्ताफ ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए अब खत्म हो चुके हैं और किसी भी राजनीतिक दावे से उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल इन मुद्दों पर वादे करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है।
आतंकवाद पर 'जीरो-टॉलरेंस' नीति
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर बात करते हुए अल्ताफ ठाकुर ने आतंकवाद के प्रति केंद्र सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसी नीति के कारण क्षेत्र में आतंकवाद काफी कम हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि पिछले एक साल में अभियानों के दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान के हताहत होने की खबर नहीं है, और विश्वास जताया कि बचे हुए आतंकवादियों को भी खत्म कर दिया जाएगा।
इनपुट: IANS



