मोहन भागवत के बयान पर राशिद अल्वी का पलटवार, सरकार से पूछा- 'विदेशी ताकतों' के नाम बताएं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की 'विदेशी ताकतों' वाली टिप्पणी पर केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वह उन देशों और लोगों के नाम उजागर करे…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की 'विदेशी ताकतों' वाली टिप्पणी पर केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वह उन देशों और लोगों के नाम उजागर करे जो देश में कथित तौर पर गतिविधियों में शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में अल्वी ने डीलिमिटेशन (परिसीमन) और रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस जैसे मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की।
राशिद अल्वी ने कहा, "जहां तक विदेशी ताकतों के शामिल होने की बात है, तो भारत के कई लोगों को यह भी पता चलना चाहिए कि ये लोग कौन हैं। उनके नाम बताइए, उन देशों के नाम बताइए, इन गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों के नाम बताइए और भारत में उनके एजेंटों के नाम बताइए।" उन्होंने आगे सवाल किया, "जब आपकी पार्टी सत्ता में है, तो आप उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हैं? आपको उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।"
RSS की विचारधारा पर हमला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए अल्वी ने कहा कि संगठन की विचारधारा में नफरत एक मुख्य हिस्सा है। उन्होंने कहा, "भारत सरकार ने कई बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन यह संगठन कभी भी अपनी विचारधारा बदलने को तैयार नहीं हुआ। आरएसएस जो नफरत फैलाता है, वही उसकी किताबों में भी दिखता है।"
डीलिमिटेशन और मस्जिद का मुद्दा
अल्वी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर भी टिप्पणी की और सरकार द्वारा लाए जाने वाले बिल का विरोध करने की बात कही। उन्होंने कहा, "किरेन रिजिजू न चर्चा करने को तैयार हैं, न ही सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार हैं और तानाशाहों की तरह कह रहे हैं कि हम बिल लाएंगे और विपक्ष उसे समर्थन दे।" उन्होंने आरोप लगाया, "हम जानते हैं कि असम और कश्मीर के अंदर किस तरह का असंवैधानिक डिलिमिटेशन आपने किया है। वे पूरे देश के अंदर महिलाओं का नाम लेकर अपनी मर्जी का डिलिमिटेशन करना चाहते हैं।" अल्वी ने स्पष्ट किया कि न तो कांग्रेस और न ही अन्य विपक्षी दल इसका समर्थन करेंगे।
वहीं, नई दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस पर उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार शायद हिंदुस्तान की हर मस्जिद को सरकारी जमीन पर बनी हुई मस्जिद बता सकती है। मंदिर-मस्जिद के अलावा उनके पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।"
'लोकतांत्रिक तरीके से रिजीम बदलना चाहते हैं'
रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) के सवाल पर राशिद अल्वी ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के जरिए ऐसा करना चाहती है। उन्होंने कहा, "रिजीम तो भाजपा ने भी बदली है। सरकार हमारी थी, लेकिन उन्होंने रिजीम बदली। अब हम रिजीम बदलना चाहते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ईमानदारी से चुनाव नहीं करा रहे हैं, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
इनपुट: IANS



