NAFED का बड़ा लक्ष्य: 46,000 करोड़ के कारोबार पर नज़र, किसानों के बच्चों को मिलेगी 1 लाख की स्कॉलरशिप
किसानों की आय बढ़ाने और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने इस साल अपने कारोबार का लक्ष्य लगभग 46,000 करोड़ रुपये रखा है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
किसानों की आय बढ़ाने और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने इस साल अपने कारोबार का लक्ष्य लगभग 46,000 करोड़ रुपये रखा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल के करीब 33,000 करोड़ रुपये के कारोबार से एक बड़ी छलांग है। नई दिल्ली में आयोजित नेफेड की 69वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक में किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर भी खास जोर दिया गया। नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने विश्वास जताया कि संस्था न केवल 46,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचेगी, बल्कि उसे पार करने में भी सफल रहेगी।
किसानों के कल्याण और शिक्षा पर फोकस
इस AGM का एक बड़ा फैसला किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा से जुड़ा है। नेफेड के प्रबंध निदेशक (MD) दीपक अग्रवाल ने बताया कि अब संस्था अपने शुद्ध लाभ का एक प्रतिशत हिस्सा मेधावी छात्रों की पढ़ाई पर खर्च करेगी। इस योजना के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 1 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस प्रस्ताव को बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई।
वित्तीय मजबूती और खरीद का लक्ष्य
संस्था की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए एक और अहम कदम उठाया गया है। बैठक में नेफेड के उपनियमों में संशोधन कर शेयर कैपिटल को 100 करोड़ रुपये से दोगुना करके 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। दीपक अग्रवाल के मुताबिक, इससे ज्यादा सहकारी समितियों को सदस्य बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 (संभवतः 2023-24) में संस्था ने लगभग 29,000 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जिस पर करीब 423 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
MD अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष खरीद के लिए लगभग 30,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य है, लेकिन वास्तविक खरीद बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, “यदि बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर रहती हैं तो सरकारी खरीद कम होती है, जबकि बाजार भाव एमएसपी से नीचे होने पर खरीद बढ़ जाती है।”
ड्रोन तकनीक और महिला सशक्तिकरण
चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेफेड किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ड्रोन दीदी' योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना के अनुरूप नेफेड महिलाओं, युवाओं और किसानों को इस अभियान से जोड़ना चाहता है ताकि खेती में आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग हो सके और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिले।” उनका लक्ष्य हरियाणा की 'ड्रोन दीदी' विमला की तरह हर राज्य में महिलाओं को इस तकनीक से जोड़ना है।
इनपुट: IANS



