हिमाचल प्रदेश ने केंद्र से मांगी अतिरिक्त वित्तीय मदद, CM सुक्खू ने वित्त मंत्री सीतारमण से की मुलाकात
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के…
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान उन्होंने राजस्व घाटे, प्राकृतिक आपदाओं और सीमित संसाधनों से उपजी वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की उधार सीमा बढ़ाने और अन्य योजनाओं में छूट देने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद 2026-27 से राजस्व घाटा अनुदान बंद हो जाएगा, जिससे राज्य को सालाना लगभग 8,000 करोड़ रुपए के वित्तीय अंतर का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों में इस अनुदान में लगातार कटौती से राज्य के वित्त पर पहले से ही भारी दबाव है।
राज्य की प्रमुख मांगें और तर्क
अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री ने हिमाचल की विशिष्ट परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं, प्राकृतिक आपदाओं का खतरा अधिक रहता है और बुनियादी ढांचे के निर्माण व रखरखाव पर लागत भी ज्यादा आती है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं का संचालन महंगा हो जाता है।
इस बैठक में सीएम सुक्खू ने कई अहम मांगें रखीं:
- उधार सीमा बढ़ाना: राज्य की उधार लेने की सीमा को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया जाए।
- बाह्य सहायता: बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं का आवंटन बढ़ाया जाए और राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए सहायता दोगुनी करने पर विचार हो।
- SNA-SPARSH मॉडल में छूट: पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत आपूर्ति एवं विक्रेता भुगतानों को एसएनए-स्पर्श मॉडल से छूट दी जाए।
वित्तीय सुधार और केंद्र का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को यह भी जानकारी दी कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार वित्तीय सुधारों और राजस्व बढ़ाने के उपायों के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्राकृतिक खेती से उपजी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
मुलाकात के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री सुक्खू को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हिमाचल की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने राज्य की वित्तीय चुनौतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य की जायज जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी सहयोग दिया जाएगा और विशेष केंद्रीय सहायता के तहत अतिरिक्त मदद पर भी विचार किया जाएगा। इस बैठक में हिमाचल के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत सहित दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इनपुट: IANS



