साध्वी प्रज्ञा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सरकार ने मांगी सुनील जोशी हत्याकांड पर रिपोर्ट

0

लोकसभा चुनाव का मतदान ख़त्म होने के साथ ही अब सबकी नज़रें 23 तारीख़ को आने वाले नतीजों पर टिक गई है और इसी के साथ ही सियासत का दौर पर भी मध्य प्रदेश से शुरू हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के पास बहुमत न होने का आरोप लगाया है तो वहीं प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

दरअसल, मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के कानूनी विभाग ने देवास के ज़िला कलेक्टर  से रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट में पूछा गया है कि आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी की हत्या  में साध्वी प्रज्ञा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया? जबकि पीड़िता इसकी शिकायत पहले ही कर चुकी हैं। बता दें कि सुनील जोशी की हत्या दिसंबर 2007 में देवास में हुई थी। कमलनाथ सरकार के इस क़दम के बाद साध्वी प्रज्ञा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इससे पहले मध्य प्रदेश की कांग्रेस के नेतृत्व में कमलनाथ सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा था कि सुनील जोशी हत्याकांड की फाइल फिर से खोली जाएगी। इसमें प्रज्ञा सिंह ठाकुर की भूमिका की जांच होगी। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा था ‘मैं प्रज्ञा को साध्वी भी नहीं कहूंगा, क्योंकि उन्होंने गांधीजी के हत्यारे को देशभक्त और शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही कहा है’।

2007 में हुई थी हत्या, 2009 में केस बंद

प्रचारक के तौर आरएसएस से जुड़े रहे सुनील जोशी की हत्या 29 दिसंबर, 2007 को देवास में हुई थी। उनका नाम मक्का मस्जिद, समझौता और मालेगांव विस्फोट मामलों में लिया गया था। इस केस में देवास पुलिस ने प्रज्ञा ठाकुर और दूसरे लोगों को 23 अक्टूबर, 2008 को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में देवास एसपी के आदेश पर 25 मार्च, 2009 को ये केस बंद कर दिया गया।

समझौता ब्लास्ट केस में शामिल होने का आरोप

बता दें कि सुनील जोशी पर समझौता ब्लास्ट केस में शामिल होने का आरोप था। नई दिल्ली से लाहौर जाने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में पानीपत के पास 18 फरवरी, 2007 को बम धमाका हुआ था। इसमें 68 लोग मारे गए थे. मरने वालों में ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे। इस केस में सुनील जोशी आरोपी थे। उनका नाम एनआईए की चार्जशीट में था। सुनील जोशी की हत्या देवास के चूना खदान इलाके में उस वक्त हुई थी, जब वह अपने घर वापस जा रहे थे।