Monkeypox Alert: यूपी में मंकीपॉक्स की दस्तक, दो और संदिग्ध केस से खौफ, जानिए कैसे फैलता है ये वायरस

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Monkeypox Alert: यूपी में मंकीपॉक्स की दस्तक, दो और संदिग्ध केस से खौफ, जानिए कैसे फैलता है ये वायरस

गाजियाबाद: दिल्ली के बाद गाजियाबाद में भी मंकीपॉक्स ने दस्तक दे दी है। वहीं नोएडा में मंकीपॉक्स के 2 संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें से एक दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती है तो दूसरे को होम आइसोलेशन में रखा गया है। दोनों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि, अभी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती संदिग्ध मरीज की पेरिस और मुंबई की ट्रैवल हिस्ट्री भी है।

15 दिन पहले मुंबई से आया शख्स LNJP में भर्ती
वैशाली में रहने वाला 35 वर्षीय युवक एक निजी कंपनी में काम करता है। करीब 2 महीने पहले वह पेरिस गया था और वहां से आने के बाद 15 दिन पहले मुंबई होकर आया था। मुंबई से लौटने के कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत खराब रहने लगी। एक सप्ताह पहले उसे बुखार के साथ शरीर पर छोटे लाल दाने भी हो गए, जिससे वह घबरा गया और दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पहुंचा। वहीं, उसकी जांच हुई और डॉक्टर ने दवा देकर घर भेज दिया।

2 दिनों में बुखार और लाल दानों में आराम नहीं आने पर युवक सोमवार को फिर से हॉस्पिटल पहुंचा। उसने अस्पताल में डॉक्टरों से मंकीपॉक्स की आशंका जताते हुए टेस्टिंग और उपचार की मांग की। डॉक्टरों ने उसे मंकीपॉक्स के लिए तैयार आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कर लिया और सैंपल जांच को भेज दिया। डॉक्टरों का कहना है कि उसे चिकनपॉक्स के हल्के लक्षण हैं, जांच रिपोर्ट आने पर इसके बारे में ज्यादा जानकारी हो सकेगी। फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है।

MMG में पहुंचे युवक में भी लक्षण
वहीं, अर्थला की संजय नगर कॉलोनी में रहने वाला एक 28 वर्षीय युवक मंगलवार को बुखार, शरीर पर लाल दाने, इचिंग, शरीर और सिर दर्द की शिकायत लेकर जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचा। डॉ. आरपी सिंह ने उसे मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज मानते हुए दवा देकर मामले की सूचना सीएमएस को दी। संक्रामक रोग विभाग की टीम ने देर शाम युवक के घर जाकर उसका सैंपल लिया और जांच के लिए भेज दिया।

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युवक यहां अपनी पत्नी के साथ किराये के मकान में रहता है और साहिबाबाद क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करता है। फिलहाल, उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि दोनों मरीजों की हालत में सुधार है। देखने से उन्हें चिकनपॉक्स के हल्के लक्षण लग रहे हैं, लेकिन रोग की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

अस्पतालों को किया गया अलर्ट
मंकीपॉक्स के 2 संदिग्ध मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मंकीपॉक्स कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अस्पतालों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि क्लिनिकल जांच में यदि कोई मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज मिलता है तो उसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी जाए।

सरकारी स्तर पर नहीं आइसोलेशन की व्यवस्था
शासन के निर्देश के बाद भी जिले में सरकारी स्तर पर मंकीपॉक्स के संदिग्ध या कन्फर्म मरीजों को आइसोलेशन में रखने की सुविधा नहीं है। कहने के लिए कम्बाइंड अस्पताल में कोरोना और मंकीपॉक्स के लिए आइसोलेशन वॉर्ड जरूर बनाए गए हैं, लेकिन उसमें किसी मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है। अर्थला के संदिग्ध मरीज को लेकर अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उसे अस्पताल में आइसोलेशन में रखने की जरूरत नहीं है। घर में केवल 2 ही लोग हैं और 2 कमरे हैं, इसलिए उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। योगी ने कहा कि मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश में सावधानी बरती जाए। कोविड अस्पतालों में न्यूनतम 10 बेड केवल मंकीपॉक्स से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित रखें।

जानिए कैसे होता है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स ऑर्थोपॉक्स फैमिली का वायरस है। अगर बात इसके फैलने की करें तो यह कई तरह से दूसरों को अपनी चपेट में ले सकता है। मसलन संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से जो ड्रॉपलेट गिरती हैं, उसके संपर्क में कोई आ जाए तो। पीड़ित के शरीर में बने रैशेज या चकत्ते के संपर्क में आने से, मरीज के बिस्तर, तौलिया, बर्तन का इस्तेमाल करने से भी यह वायरस फैलता है। इसके अलावा हाल ही में डॉक्टरों ने दावा किया है कि समलैंगिक संबंधों की वजह से भी मंकीपॉक्स फैलता है। डॉक्टर ये भी बताते हैं कि अगर कोई इससे संक्रमित है तो उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। ऐसी स्थिति में भी वायरस फैल सकता है।

संक्रमित होने पर क्या करें

-आशंका होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

-आराम करें और पानी ज्यादा पीएं

-हल्का खाना खाएं और ढीले कपड़े पहनें

-दानों से यदि तरल पदार्थ निकल रहा हो तो कॉटन से साफ करें और उसे एक अलग डस्टबिन या बैग में डालें

-यदि बुखार हो तो नहाने से परहेज करें

बचाव के उपाय

संक्रमित के संपर्क में आने से बचें, यदि जरूरी हो तो उसे छुएं नहीं

जंगली जानवरों से दूर रहें

पालतू जानवर को यदि संक्रमण हो जाए तो उसे 30 दिनों के लिए क्वारंटीन करके रखें

मीट को अच्छे से पकाकर ही खाएं

मंकीपॉक्स के लक्षण

-बुखार

-सिर दर्द

-मांसपेशियों में दर्द

-पीठ दर्द

-सूजी हुई लसीका ग्रंथियां

-ठंड लगना

-थकावट

-त्वचा का फटना

-शरीर में रैशेज

-गला खराब होना

-बार-बार खांसी आना

-सुस्ती आना

-खुजली की समस्या

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