मोहन भागवत के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर विपक्ष का पलटवार, महंगाई और बेरोजगारी पर उठाए सवाल
RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिर्फ सत्ता बदलने से परिस्थितियां नहीं बदलतीं। इस पर पलटवार करते हुए शिवसेना (UBT), RJD और…
RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिर्फ सत्ता बदलने से परिस्थितियां नहीं बदलतीं। इस पर पलटवार करते हुए शिवसेना (UBT), RJD और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने देश में महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने देश में एक बेहतर भविष्य के लिए बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
भागवत के बयान के जवाब में शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य किसी का निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि देश और उसके भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा, “समाज के हर वर्ग को बेहतर जीवन, रोजगार के अवसर और महंगाई से राहत मिलनी चाहिए। साथ ही, महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए, युवाओं को बेरोजगारी से मुक्ति मिलनी चाहिए और किसानों को उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।”
किसने क्या कहा?
शिवसेना (UBT): पार्टी के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि देश में जो आंदोलन चल रहा है, वह समाधान खोजने की दिशा में है और खुद भागवत भी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश को नुकसान हुआ है। वहीं, एक अन्य सांसद अरविंद सावंत ने भागवत से आत्ममंथन की अपील करते हुए सवाल किया, “क्या देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण नहीं किया जा रहा है और क्या बेरोजगारी लगातार नहीं बढ़ रही है?”
राष्ट्रीय जनता दल (RJD): RJD सांसद मनोज कुमार झा ने महात्मा गांधी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि भागवत को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह गांधी का देश है। उन्होंने गांधी के असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि ये आज भी उनके लिए आदर्श हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP): पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि युवा बदलाव चाहते हैं और दुनिया भर में इसके प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
भागवत का मूल बयान क्या था?
उल्लेखनीय है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा था कि भारत को 'तोड़ने' की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि यह सोचना गलत है कि सत्ता बदलने से परिस्थितियां बदल जाएंगी, क्योंकि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है और न ही आगे होगा।
इनपुट: IANS



