गुजरात: 'देश में अफरातफरी फैलाकर मोदी को बदनाम करने का प्लान था' — बनासकांठा में बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में अफरातफरी फैलाकर 'मोदी' को बदनाम करने की योजना बना रहे थे…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में अफरातफरी फैलाकर 'मोदी' को बदनाम करने की योजना बना रहे थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम ने ईरान और खाड़ी देशों के तनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत एकजुट होकर चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब ये लोग खाद की कमी को लेकर किसानों में अफवाहें फैला रहे थे।
पीएम मोदी ने कहा, "इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें।" उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आज भी जारी है, लेकिन सरकार ने किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। प्रधानमंत्री ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जो यूरिया की बोरी 3,000 रुपये में मिलती है, वह भारत में किसानों को 300 रुपये से भी कम में दी जा रही है। इसी तरह, 5,000 रुपये की डीएपी खाद किसानों को 1,350 रुपये में मिल रही है।
कृषि और पशुपालन में वैज्ञानिक पहल
बनासकांठा में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद पीएम मोदी ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सरकार के काम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खेती में विज्ञान और तकनीक का व्यापक समावेश हुआ है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने 'सॉइल हेल्थ कार्ड' का जिक्र किया, जिससे अब तक 26 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए किसानों को बीते वर्षों में बीजों की लगभग 3,000 नई किस्में उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' के तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा।
दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि
सरकारी प्रयासों के असर पर बात करते हुए पीएम ने बताया कि 2013-14 में जहां एक गाय या भैंस से औसतन 5 लीटर से कम दूध मिलता था, वहीं आज यह औसत बढ़कर लगभग 8 लीटर हो गया है। उन्होंने कहा, "भारत में दुग्ध उत्पादन की उत्पादकता दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। भारत दुनिया में नंबर वन है, इसका मतलब है कि किसान परिवार की कमाई बढ़ी है।"
इसके अलावा, पशुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं, जिससे 8 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जिले में दो बायो-सीएनजी प्लांट का शिलान्यास किया गया है ताकि गोबर का भी पूरा उपयोग हो सके।
अन्य क्षेत्रों में प्रगति और नई रेल सेवाएं
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि मछली पालन, मधुमक्खी पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारत का सी-फूड निर्यात दोगुना से अधिक हो गया है और देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। बनासकांठा के विश्व प्रसिद्ध आलू का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि फल-सब्जी किसानों के लिए 12 नए क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही, गुजरात को अहमदाबाद-साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन के रूप में दो नई रेल सेवाएं भी मिली हैं।
इनपुट: IANS



