यूपी MLC चुनाव: सपा ने मतदाता सूची में 'हजारों डुप्लीकेट नाम' होने का लगाया आरोप, EC से की शिकायत
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव से ठीक पहले, समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी का दावा है कि खासकर…
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव से ठीक पहले, समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी का दावा है कि खासकर वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम दर्ज हैं, जिनमें कई नाम भाजपा कार्यकर्ताओं के हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग उठाई है।
मतदाता सूची में एक नाम कई बार?
समाजवादी पार्टी ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ konkrét उदाहरण भी पेश किए हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि मिर्जापुर जिले के बूथ संख्या 226 पर रविशंकर पांडेय का नाम तीन बार (क्रमांक 862, 863, 864 पर) दर्ज है, जिन्हें भाजपा का जिला मंत्री बताया गया है।
इसी तरह, कुछ अन्य उदाहरण भी दिए गए:
- बूथ संख्या 242: अंजली मौर्य का नाम लगातार पांच बार (क्रमांक 15 से 19 तक) दर्ज होने का आरोप है।
- बूथ संख्या 242: स्मृति सिंह का नाम तीन बार (क्रमांक 582 से 584 तक) और पवन कुमार गुप्ता का नाम दो बार (क्रमांक 320, 321) दर्ज बताया गया है।
- बूथ संख्या 245: जितेंद्र कुमार सरोज का नाम दो बार (क्रमांक 215, 216) दर्ज होने की बात कही गई है।
सपा ने कहा है कि इन उदाहरणों के समर्थन में मतदाता सूची के विवरण और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं ताकि कोई भी मतदाता एक से अधिक बार वोट न डाल सके।
संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा की मांग
पार्टी ने सिर्फ मतदाता सूची पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि कई मतदान केंद्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है। ज्ञापन में लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के कई जिलों में कुल 102 मतदान केंद्रों को संवेदनशील बताते हुए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की गई है। इनमें लखीमपुर में 31, सीतापुर में 14, रायबरेली में 19, बाराबंकी में 7, हरदोई में 11, प्रतापगढ़ में 7 और लखनऊ में 13 केंद्र शामिल हैं।
सपा ने सभी केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने, मतपेटियों को CCTV की निगरानी में रखने और सिविल पुलिस के अलावा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। साथ ही 23 अक्टूबर को मतदान के दिन संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का भी आग्रह किया गया है।
पहचान पत्र और सूची में मामूली अंतर पर न रोकें मतदान
ज्ञापन में कुछ व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। सपा ने कहा है कि मतदाता सूची और पहचान पत्र में नाम या पिता के नाम की अंग्रेजी स्पेलिंग में मामूली अंतर होने पर किसी को मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर 'रीता सिंह' और 'रिता सिंह' जैसी वर्तनी की भिन्नता का जिक्र किया गया। इसके अलावा, आधार कार्ड में दर्ज पते के अलग होने पर भी वोट डालने की अनुमति देने की मांग की गई है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद भी वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का दोबारा सत्यापन कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



