झारखंड: वोटर लिस्ट में 3 अफगान नागरिकों के नाम पर JMM ने उठाए सवाल, केंद्र से मांगा जवाब
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान तीन अफगान नागरिकों के नाम पाए जाने के बाद राजनीतिक बहस छिड़ गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस…
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान तीन अफगान नागरिकों के नाम पाए जाने के बाद राजनीतिक बहस छिड़ गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस मुद्दे को लेकर सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और गृह मंत्रालय से स्पष्टीकरण की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने रांची में इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि ये अफगान नागरिक भारत में कैसे और किसकी अनुमति से रह रहे थे। पांडे ने कहा, "सबसे पहले, गृह मंत्रालय से यह पूछा जाना चाहिए कि अफगान नागरिक यहां कैसे रह रहे थे, किसकी इजाजत से रह रहे थे और क्या उनके वीजा वैध थे या नहीं। इसकी जांच कौन करेगा?"
केंद्र की भूमिका पर JMM के सवाल
मनोज पांडे ने आगे कहा, "कौन देखेगा कि कोई विदेशी नागरिक कहां से आ रहा है, कहां जा रहा है, किसकी इजाजत से जा रहा है और उनकी गतिविधियों का मकसद क्या है? इन सभी चीजों पर नजर रखने के लिए एक विभाग है- गृह विभाग, जो विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम करता है। यह कैसे हुआ? सबसे पहले गृह मंत्रालय को यह साफ करना चाहिए कि वे लोग किसकी इजाजत से आए थे।"
अन्य मुद्दों पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान मनोज पांडे ने कई अन्य विषयों पर भी अपनी राय रखी। जेपीएससी और एएसएससी मामले पर उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान पैसे और रसूख के आधार पर नियुक्तियां की गईं। उन्होंने कहा कि उस समय एक करोड़ रुपये तक लिए जाने की खबरें आई थीं।
इसके अलावा, गुजरात की शेल कंपनियों को मिल रहे चंदे पर उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए। पांडे ने कहा, "सीबीआई क्या कर रही है? आयकर विभाग क्या कर रहा है? यह पैसा कहां से आता है? ... इस पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।"
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन को मजबूत करने और सनातन विरोधी लोगों को बेनकाब करने के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं।
इनपुट: IANS



