गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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शेयर बाजार में बहार: अंतरराष्ट्रीय संकेतों से सेंसेक्स 1600 अंक उछला, निफ्टी 24,300 के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के दम पर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों ने लगभग 2…

शेयर बाजार में बहार: अंतरराष्ट्रीय संकेतों से सेंसेक्स 1600 अंक उछला, निफ्टी 24,300 के पार
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के दम पर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों ने लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर ली और दिन भर तेजी का माहौल बना रहा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,600 से ज्यादा अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी 1.80 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई।

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शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,609.54 अंक (2.08%) की बढ़त के साथ 78,910.94 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 417.45 अंक (1.74%) की छलांग लगाते हुए 24,378.05 के स्तर पर शुरुआत की। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 78,922.44 का और निफ्टी ने 24,391.95 का उच्चतम स्तर छुआ।

किन सेक्टर्स में रही सबसे ज्यादा तेजी?

बाजार की इस रैली में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स ने हिस्सा लिया। सबसे ज्यादा बढ़त वित्तीय शेयरों में देखी गई, जहाँ निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। रियल्टी सेक्टर भी 1.86 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। इनके अलावा सीमेंट, ऑटो, आईटी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक जैसे क्षेत्रों के शेयरों में भी 1.8 प्रतिशत तक की तेजी आई। साथ ही एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और केमिकल सेक्टर के शेयर भी 1 से 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।

बाजार में उछाल के पीछे के बड़े कारण

वैश्विक संकेत और अमेरिकी चुनाव: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों पर निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया है। अमेरिका में राजनीतिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद से डॉव जोन्स चार दशकों में मध्यावधि चुनाव के बाद का सबसे मजबूत प्रदर्शन करते हुए 3% से अधिक उछल गया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी 1.4% से ज्यादा की बढ़त रही।

कच्चे तेल में भारी गिरावट: ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 10% गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में कमी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे बाजार की धारणा को बल मिला।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में अपनी खरीदारी जारी रखी। बुधवार को उन्होंने 7,284 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जो बाजार के लिए एक मजबूत सहारा बना हुआ है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,712 करोड़ रुपए की बिकवाली की।

तकनीकी नजरिया और भविष्य की राह

विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी का अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 23,904 के ऊपर बने रहना एक मजबूत तेजी का संकेत है। आरएसआई (RSI) भी बढ़कर 68.55 पर पहुंच गया है, जो बाजार में मजबूत गति को दर्शाता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने निकट भविष्य में मुनाफावसूली की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,500 से 24,700 का दायरा एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस क्षेत्र हो सकता है।

इनपुट: IANS

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