वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेत, भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 74,500 के पार
दुनिया भर के शेयर बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर बुधवार को भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी 50, में लगभग एक…
दुनिया भर के शेयर बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर बुधवार को भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी 50, में लगभग एक प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल रहा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस उछाल के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 74,500 के अहम स्तर को पार कर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 23,000 के ऊपर पहुंच गया।
बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 485 अंकों (0.65%) की बढ़त के साथ 74,337.93 पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद 73,852.90 था। दिन के दौरान इसमें और मजबूती आई और यह 754.76 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,607.66 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी 50 भी 127 अंकों (0.55%) की मजबूती के साथ 23,016.00 पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर 23,119.25 पर जा पहुंचा, जो कि 1 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।
सेक्टरों का हाल और व्यापक बाजार
अगर सेक्टरों के प्रदर्शन की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा चमक रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.3 प्रतिशत की बड़ी तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, सीमेंट और रियल्टी जैसे सेक्टरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई। हालांकि, केमिकल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में गिरावट का दबाव रहा। व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख दिखा, जहां निफ्टी मिडकैप 100 में 0.02% की मामूली बढ़त थी, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.09% की हल्की गिरावट आई।
वैश्विक संकेत और बाजार पर प्रभाव
एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख रहा, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाजार सबसे आगे रहे। वहीं, अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में डॉव जोन्स और एसएंडपी 500 सूचकांक हेल्थकेयर शेयरों के दम पर बढ़त के साथ बंद हुए थे। मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे बढ़कर 94.78 पर खुला।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों से घरेलू बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब) और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे बाजार में स्थायी सुधार की राह मुश्किल हो सकती है।
इनपुट: IANS



