मराठा आरक्षण: हुसैन दलवई ने कहा, 'असली OBC के हकों का भी ध्यान रखना होगा'
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के संदर्भ में असली अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि…
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के संदर्भ में असली अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के गरीबों को शिक्षा, नौकरी और खेती में मदद मिलनी चाहिए, लेकिन आरक्षण में उन्हें शामिल करने से मूल OBC वर्ग प्रभावित हो सकता है।
दलवई ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा उठाए गए सवालों और दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जरांगे की ओर से जो सवाल उठाया जा रहा है, वही गलत है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मराठा समुदाय में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता होनी चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि इससे OBC के आरक्षण कोटे पर कोई असर न पड़े।
विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस नेता की राय
इस बातचीत में दलवई ने कई अन्य समसामयिक विषयों पर भी अपनी बात रखी। मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपये के कथित मामले पर उन्होंने कहा, "इसकी जांच होनी चाहिए। एक करोड़ में जीरो कितने लगते हैं, वो पहले देखिए।" उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी सलाह दी कि उन्हें शिवसेना में लौटकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे के भाजपा में जाने की अटकलों पर हुसैन दलवई ने अविश्वास जताते हुए कहा, "सुशील कुमार शिंदे को कांग्रेस ने बहुत आदर दिया है... वे भाजपा के साथ जाएंगे, मुझे विश्वास नहीं हो रहा है।"
अल्पसंख्यक और अन्य मामले
हुसैन दलवई ने देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर हमले की घटना पर उन्होंने कहा, "भाजपा ने जो माहौल बनाया है, उसकी वजह से लोगों पर अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है।" उन्होंने मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर भी पार्टी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, "मुसलमानों के सवाल पर कांग्रेस को ठीक ढंग से ध्यान देना चाहिए और मुस्लिम लीडरशिप को साथ लेकर बातचीत करनी चाहिए।" इसके अलावा, नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के मामले को उन्होंने 'गलत' बताया और हाईकोर्ट से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



