मोदी सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर क्यों बैठी हैं “ममता बनर्जी” ?

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CBI अधिकारियों की एक टीम पश्चिम बंगाल के कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर एक मामले के सिलसिले में पूछताछ करने पहुंची थी। CBI शारदा चिटफंड घोटाले को लेकर पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करना चाहती थी लेकिन, कोलकाता पुलिस ने CBI अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया और बाद में रिहा कर दिया। CBI की इस कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के बचाव में खड़ी हो गईं हैं और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलकर धरने पर बैठ गईं हैं।

ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर तख़्तापलट करने का आरोप लगाया

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरने पर बैठने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा “मोदी-शाह राज्य में तख़्तापलट करने की कोशिश करे रहे हैं क्योंकि मैंनें अपनी पार्टी TMC की तरफ़ से यहां विपक्षी रैली का आयोजन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल CBI को निर्देश दे रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर पर CBI  कार्रवाई बदले की राजनीति है। मैं संविधान की रक्षा के लिए धरने पर बैठूंगी”।

क्या है शारदा चिटफंड घोटाला ?

शारदा चिटफंड घोटाला पश्चिम बंगाल का बड़ा आर्थिक घोटाला है। जिसमें बड़ें नेताओं के नाम जुड़ें हैं। शारदा चिटफंड कंपनी पर ये आरोप है कि उसने पैसे ठगने के लिए के लोगों से लुभावने वादे किए और रक़म का 34 गुना वापस देने की बात कही थी। इस घोटाले में तक़रीबन 40 हज़ार करोड़ की हेराफेरी हुई थी। कंपनी ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और उड़िसा में 300 ऑफ़िस खोले और 20 हज़ार करोड़ की कमाई करने के बाद ऑफ़िस पर ताले लगा दिए। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को इन घोटालों की जांच करने का आदेश दिया था और साथ ही पश्चिम बंगाल, उड़िसा और असम पुलिस को CBI की जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था।