खड़गे का केंद्र पर बड़ा आरोप: देश में 'अघोषित आपातकाल', कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल CJI से मिलेगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दबाने और देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसे हालात बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दबाने और देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसे हालात बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
खड़गे ने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के प्रदर्शन से डर गई है, जिसका सबूत प्रदर्शन रोकने के लिए लगभग 32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती और की गईं गिरफ्तारियां हैं। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में यह स्थिति बनाई जा रही है।
आपातकाल से तुलना और CJI से मुलाकात
खड़गे ने मौजूदा हालात की तुलना 1975 के आपातकाल से करते हुए कहा कि उस दौर में भी ट्रेनें और उड़ानें नहीं रोकी गई थीं और न ही लोगों को बिना ठोस आधार के गिरफ्तार किया जाता था। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि आपातकाल के दौरान जब वह कर्नाटक में शिक्षा मंत्री थे, तब भी लोगों को बेवजह गिरफ्तार करने से बचा जाता था।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। खड़गे ने जानकारी दी कि एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलेगा। उन्होंने बताया, "इसके लिए मैंने और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र लिखा है।" प्रतिनिधिमंडल ने शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा है।
कांग्रेस का अगला कदम
खड़गे ने स्पष्ट किया कि CJI के सामने कोई मांग रखने के बजाय, उनका उद्देश्य मौजूदा परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराना और अपनी चिंताएं व्यक्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



