देवेंद्र फडणवीस का सत्ता में वापसी का सफर: 'मैं समंदर हूं' वाले बयान से तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी
महाराष्ट्र की राजनीति में देवेंद्र फडणवीस का सफर दृढ़ता और वापसी की एक उल्लेखनीय मिसाल है। 1 दिसंबर 2019 को विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर दिया गया उनका बयान, "मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे…
महाराष्ट्र की राजनीति में देवेंद्र फडणवीस का सफर दृढ़ता और वापसी की एक उल्लेखनीय मिसाल है। 1 दिसंबर 2019 को विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर दिया गया उनका बयान, "मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना, मैं समंदर हूं... लौटकर जरूर आऊंगा," आज भी राजनीतिक गलियारों में याद किया जाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि फडणवीस न केवल सत्ता में लौटेंगे, बल्कि तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री का पद भी संभालेंगे। 22 जुलाई को उनका जन्मदिन इस राजनीतिक यात्रा को याद करने का एक अवसर भी है।
5 दिसंबर 2024 को देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले 2024 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने उनके नेतृत्व में 132 सीटों के साथ एक बड़ी जीत हासिल की थी। यह उनकी उस भविष्यवाणी को सच साबित करता है, जो उन्होंने महा विकास अघाड़ी सरकार के सत्ता में आने के बाद की थी।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर
देवेंद्र फडणवीस का सार्वजनिक जीवन नागपुर में छात्र राजनीति से शुरू हुआ। 22 जुलाई 1970 को जन्मे फडणवीस, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े। महज़ 22 साल की उम्र में वे 1992 में नागपुर नगर निगम के सबसे युवा पार्षद बने और 1997 में 27 साल की उम्र में देश के सबसे युवा महापौरों में से एक बने। 1999 में वे पहली बार विधायक चुने गए और नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट से लगातार जीतते रहे। उनकी प्रभावी कार्यशैली के लिए उन्हें 2003 में विधानसभा के उत्कृष्ट विधायक सम्मान से भी नवाज़ा गया।
नेतृत्व और सरकार
2013 में उन्हें महाराष्ट्र भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और 2014 के विधानसभा चुनाव का नेतृत्व सौंपा गया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 122 सीटें जीतीं और 31 अक्टूबर 2014 को 44 वर्ष की उम्र में वे पहली बार मुख्यमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल (2014-2019) जलयुक्त शिवार अभियान, समृद्धि महामार्ग और मुंबई मेट्रो जैसी कई बड़ी ढांचागत परियोजनाओं के लिए जाना जाता है। 2019 में चुनाव जीतने के बाद भी शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली, जिससे भाजपा सत्ता से बाहर हो गई। फडणवीस ने 23 नवंबर 2019 को दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली, लेकिन यह सरकार केवल तीन दिन चली।
सत्ता में वापसी की पटकथा
विपक्ष के नेता बनने के बाद फडणवीस ने विधानसभा में अपना प्रसिद्ध 'समंदर' वाला बयान दिया। 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के बाद महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई। इसके बाद फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद न लेकर उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार किया, जिसे उनकी राजनीतिक परिपक्वता के तौर पर देखा गया। अंततः 2024 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्होंने तीसरी बार राज्य की कमान संभाली। उनकी राजनीतिक ताकत उनकी संगठन क्षमता, साफ छवि और आंकड़ों पर मजबूत पकड़ मानी जाती है।
इनपुट: IANS



