पश्चिम बंगाल: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर चुनाव आयोग और महुआ मोइत्रा के बीच बढ़ा टकराव
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और चुनाव आयोग के बीच विवाद खड़ा हो गया है। समाचार…
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और चुनाव आयोग के बीच विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोइत्रा ने आयोग पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने का आरोप लगाते हुए इस अभियान को "नौटंकी" करार दिया है।
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा 12 अक्टूबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति से शुरू हुआ। विज्ञप्ति में बताया गया था कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य के सभी 24 जिलों में एक सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। इसके लिए राज्य भर में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
महुआ मोइत्रा का तीखा हमला
चुनाव आयोग की इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, "भाजपा के लिए वोट चोरी करने और लाखों वैध मतदाताओं के नाम अवैध रूप से रद्द करने के बाद कृपया यह नौटंकी मत कीजिए। वोट चोरों, आप जेल जाओगे।" उनका आरोप है कि पहले बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और अब उन्हें जोड़ने का दिखावा किया जा रहा है।
चुनाव आयोग का अभियान और प्रतिबद्धता
सीईओ कार्यालय के अनुसार, यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी पात्र मतदाता पीछे न छूटे। उन्होंने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में लोगों से यह भी आग्रह किया था कि यदि किसी को कोई शिकायत है, तो वे अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) तक किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। कार्यालय ने एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हालांकि, महुआ मोइत्रा के इन गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग या सीईओ कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



