शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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पीएम मोदी का आह्वान: आंगनबाड़ी केंद्र बनें सामुदायिक भागीदारी का केंद्र, 'चिंतन शिविर' से निकले समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी संस्थान तक सीमित न रखकर उन्हें सामुदायिक भागीदारी का केंद्र बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिवार विशेष अवसरों पर बच्चों…

पीएम मोदी का आह्वान: आंगनबाड़ी केंद्र बनें सामुदायिक भागीदारी का केंद्र, 'चिंतन शिविर' से निकले समाधान
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी संस्थान तक सीमित न रखकर उन्हें सामुदायिक भागीदारी का केंद्र बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिवार विशेष अवसरों पर बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, खिलौने और अन्य उपयोगी वस्तुएं देकर इनमें अपना योगदान दे सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री शुक्रवार को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में महिला एवं बाल विकास पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

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इस सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान केंद्र और राज्यों के बीच मिलकर फैसले लेने की प्रक्रिया की सराहना की और इसी तर्ज पर जिला, नगर पालिका और महानगर पालिका स्तर पर भी 'चिंतन शिविर' आयोजित करने का सुझाव दिया।

जमीनी स्तर पर भागीदारी और शिक्षा

पीएम मोदी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी विशेष 'चिंतन शिविर' आयोजित करने की बात कही, ताकि वे अपने जमीनी अनुभव और व्यावहारिक समाधान साझा कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से भी आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आस-पास के आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर सामाजिक प्रभाव का अध्ययन कर सकते हैं, जिससे सेवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। साथ ही, मेडिकल छात्रों और एनएसएस-एनसीसी स्वयंसेवकों को भी इन पहलों से जोड़ने का सुझाव दिया गया।

महिलाओं और बच्चों के विकास पर जोर

दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में पोषण, बचपन की देखभाल, बच्चों की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा हुई। महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से विशेष मॉड्यूल तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो उन्हें महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के बारे में सिखाए। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

स्वच्छता और स्थानीय उत्पाद

प्रधानमंत्री ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभागों से 'स्वच्छता अभियान' में अग्रणी भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए 'वोकल फॉर लोकल' और 'एक जिला एक उत्पाद' जैसे अभियानों को बढ़ावा देने की भी बात कही, जिसमें महिला समूह अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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