महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे का जायजा लेंगी केंद्रीय टीमें, शिवराज सिंह चौहान ने दिया मदद का भरोसा
केंद्र सरकार महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए विशेष टीमें भेज रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को जानकारी दी कि वह खुद भी इन राज्यों का दौरा करेंगे…
केंद्र सरकार महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए विशेष टीमें भेज रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को जानकारी दी कि वह खुद भी इन राज्यों का दौरा करेंगे और केंद्र सरकार किसानों व राज्य सरकारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चौहान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक की सरकारों ने अपने राज्यों के बड़े हिस्सों में सूखा घोषित किया है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक में स्थिति का जायजा लेने के लिए हम 3 अक्टूबर को एक टीम भेज रहे हैं। मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की है और वहां भी एक टीम भेजने के लिए तैयारी की जा रही है।”
रबी सीजन के लिए वैज्ञानिक तैयारी पर जोर
आगामी रबी फसलों की तैयारी को लेकर 'रबी अभियान 2026' पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से वैज्ञानिक और क्षेत्र-विशिष्ट रणनीति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान बदलते मौसम और असमान बारिश ने जल संसाधनों और फसल चयन की बेहतर योजना की जरूरत को रेखांकित किया है।
उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे बुवाई की रणनीति बनाने से पहले जलाशयों के जल-स्तर, सिंचाई के साधनों और मिट्टी की नमी का सटीक आकलन करें। मंत्री ने कहा, “पानी के सीमित संसाधनों को देखते हुए, सर्दियों की फसल के सफल सीजन को सुनिश्चित करने के लिए बुवाई से पहले और बाद में सिंचाई की अग्रिम योजना बनाना बहुत जरूरी होगा।”
खाद की उपलब्धता और संतुलित उपयोग
खाद की आपूर्ति पर चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खाद की कोई कमी नहीं हुई है और सरकार भविष्य में भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने खाद के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा, “हम इस बात पर जोर दे रहे हैं कि खाद का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही किया जाए। संतुलित इस्तेमाल के लिए हम फिर से 'खेत बचाओ' अभियान चलाएंगे, ताकि सॉइल हेल्थ कार्ड की सलाह के आधार पर ही जरूरी मात्रा में खाद डाली जाए।”
इनपुट: IANS



