तमिलनाडु: सिर्फ एक वोट से मिली जीत को अदालत ने रखा बरकरार, DMK नेता की याचिका खारिज
तमिलनाडु के तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र में महज एक वोट के अंतर से मिली जीत को लेकर चल रहे कानूनी विवाद पर मद्रास हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने टीवीके विधायक श्रीनिवास सेतुपति की जी…
तमिलनाडु के तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र में महज एक वोट के अंतर से मिली जीत को लेकर चल रहे कानूनी विवाद पर मद्रास हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने टीवीके विधायक श्रीनिवास सेतुपति की जीत को बरकरार रखते हुए डीएमके उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन द्वारा दायर चुनावी याचिका को खारिज कर दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला शिवगंगा जिले के तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी नतीजों से जुड़ा है, जहाँ श्रीनिवास सेतुपति को 83,375 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन को 83,374 वोट प्राप्त हुए थे। इस एक वोट के अंतर से हार के बाद पेरियाकरुप्पन ने नतीजों को अदालत में चुनौती दी थी।
याचिका में क्या था दावा?
पेरियाकरुप्पन ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि उनकी हार का कारण पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) की गिनती में हुई गड़बड़ी थी। उन्होंने दावा किया था कि शिवगंगा जिले के तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र के लिए डाले गए पोस्टल बैलेट गलती से तिरुपत्तूर जिले के तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में भेज दिए गए थे, जिससे नतीजों पर असर पड़ा।
अदालत का फैसला और आधार
जस्टिस जी.के. इलानथिरायण ने इस मामले पर सोमवार को अपना फैसला सुनाया। उन्होंने टीवीके विधायक श्रीनिवास सेतुपति द्वारा दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर चुनावी याचिका को खारिज करने की मांग की थी। सेतुपति के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान उनके नाम से नहीं, बल्कि उनके नंबर से होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टल बैलेट वाले लिफाफों पर निर्वाचन क्षेत्र का नंबर, नाम और जिला स्पष्ट रूप से अंकित होता है, इसलिए मतपत्रों के गलत जगह भेजे जाने का दावा निराधार था। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने पेरियाकरुप्पन की याचिका को खारिज कर दिया।
इनपुट: IANS



