KGMU में एसटीएफ रिपोर्ट की जांच: कुलपति की अगुवाई में बनेगी अनुशासनात्मक समिति
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) प्रशासन ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए एक उच्च-स्तरीय अनुशासनात्मक समिति बनाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी…
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) प्रशासन ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए एक उच्च-स्तरीय अनुशासनात्मक समिति बनाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की एक विशेष बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक का मुख्य एजेंडा 30 अक्टूबर 2026 को शासन के माध्यम से प्राप्त हुई एसटीएफ की रिपोर्ट पर विचार करना था। कुलसचिव ने पूरी रिपोर्ट को परिषद के सदस्यों के सामने बिंदुवार प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अलावा, विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा दिए गए प्रत्यावेदनों को भी पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने अपना नाम गलत तरीके से शामिल किए जाने की बात कही थी।
समिति का गठन और संरचना
लंबे विचार-विमर्श के बाद, कार्य परिषद ने केजीएमयू स्टैच्यूट्स की धारा 11.11 के प्रावधानों के तहत एक अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (Disciplinary Action Committee) के गठन पर सहमति जताई। यह कदम शासन के उन निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें विश्वविद्यालय की परिनियमावली के अनुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा गया था।
इस समिति में अध्यक्ष के रूप में कुलपति और कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य शामिल होंगे। इन चार सदस्यों में से दो विश्वविद्यालय के ही वरिष्ठ शिक्षक होंगे, जबकि दो स्वतंत्र सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे। परिषद ने यह भी तय किया है कि स्वतंत्र सदस्यों के लिए वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जांच का दायरा
यह नवगठित समिति एसटीएफ की पूरी रिपोर्ट, उससे जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों का विस्तार से परीक्षण करेगी। समिति इस मामले से जुड़े सभी शिक्षकों और अन्य व्यक्तियों का पक्ष भी सुनेगी। जांच पूरी होने के बाद समिति विश्वविद्यालय की परिनियमावली और अन्य लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
इनपुट: IANS



