कुशीनगर: नारायणी नदी का तटबंध टूटने से दो दर्जन गांवों में बाढ़, मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत-बचाव के निर्देश
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात नारायणी नदी पर बना एक तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात नारायणी नदी पर बना एक तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में एपी तटबंध के टूटने के बाद करीब दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दे दिए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही इसका संज्ञान लिया। उन्होंने गोरखपुर के मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर सक्रिय हो गई हैं और बचाव कार्य में जुट गई हैं।
देर रात टूटा बांध, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार रात करीब 12 बजे नदी का जलस्तर घटकर लगभग 2 लाख 54 हजार क्यूसेक हो गया था। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान तेज हो गया, जिसके चलते पहले से हो रहे सीपेज और 'रेट होल' के कारण तटबंध टूट गया। एक स्थानीय निवासी संजीव यादव ने IANS को बताया, "तटबंध तीन दिन से धीरे-धीरे कट रहा था। लगभग 2 किलोमीटर तक सीपेज है, जिसे बंद करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि जब कटाव शुरू हुआ तो अधिकारी मौके से चले गए थे।
एक अन्य स्थानीय निवासी के अनुसार, करीब 100 मीटर तक तटबंध टूटने से 20 से 25 गांव प्रभावित हुए हैं। रितेश सिंह नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि तटबंध में तीन दिन से रिसाव हो रहा था और सोमवार देर रात यह अचानक टूट गया। उन्होंने कहा कि लोग तो सुरक्षित हैं, लेकिन उनके सामान का काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ से प्रभावित कई परिवार तटबंधों पर या अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात तक अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
इनपुट: IANS



