जाने भारत के लोगों की वो आदते जो बनाती है उन्हें दुनिया से अलग

0

भारतीयों की बात ही निराली है. उनकी हर आदतों में कुछ ऐसा होता है जो उन्हें दुनिया में बाकी देशो के लोगों से अलग बना देता है. चाहे वो सड़क पर गाड़ी चलते वक़्त दूसरी गाड़ी वाले को घूरना हो या गोल गप्पे खाते वक़्त पापड़ी का एक्स्ट्रा माँगना. हमे हर काम अपने ही तरीके से करने की आदत है. जुगाड़ तो मानों हम बचपन में बोलने से पहले ही सीख जाते है. चलिए जानते है भारत के लोगों की एसी ही कुछ खट्टी-मीठी आदतों को.

सड़क पर गाड़ी वालों का आपस में घूरना

जब भी सड़क पर गाड़ी चालते वक़्त किसी गाड़ी आगे आ जाये या गलती से इधर-उधर हो जाए तो लोग एक दूसरे को घूरने लगते है. लोग एसा क्यूँ करते है यह तो हमे भी नहीं पता चला. आपको पता चले तो हमे जरुर बताये.

हर चीज़ एक्स्ट्रा लेने की आदत

भारतीयों की यह आदत तो एसी है जो गरीब से लेकर अमीर तक की बीच में समान्य है. जी हां एक्स्ट्रा लेनी की. चाहे वो फिर शर्ट को साइज़ ही क्यों ना हो हम वो भी एक नंबर एक्स्ट्रा लेते है ताकि वो ज्यादा चले. यही नहीं गोल गप्पे खाते वक़्त हम एक्स्ट्रा पापड़ी तो ऐसें मांगते है जैसे उसका अलग से टैक्स भरते हो. इसके अलावा भी एक और आदत है धनिया लेने की. सब्ज़ी लेते वक़्त अगर एक्स्ट्रा धनिया मुफ्त में नहीं लिया तो शायद आप भारतीय नहीं हो.

मोल भाव तो हम जरुर करेंगे भैया

मोल भाव तो हमारी रग-रग में बसा हुआ है. भारतीय मूंगफली लेने जाए या फिर महंगी कार, उनकी पूरी कोशिश रहती है की वह कम से कम दाम लगवा सके.

भारतीय नहीं रुकते कभी भी

भारतीय बड़े निडर है. हमारी हिम्मत एसी है की हम सड़क पर लाल बत्ती हो या अचानक से आया सुसु, रुकना तो हमने सीखा ही नही. भैया सब्र ही सफलता की पूंजी है.

मुफ्त का माल आने दो

मुफ्त के माल के लिए तो हम घंटो लंबी लाइनों में इंतज़ार भी कर सकते है. एसा ही दिल्ली में लगे बुक फेयर में हुआ. दरअसल ट्रेड फेयर में किताबो का मेला लगा था तो वहा पर एक जगह मुफ्त में किताबे बटने लगी. लोगों की काफी भीड़ लग गई, लेकिन हैरानी तो तब हुई जब किताब लेने वाले आदे से ज्यादा लोगों को यही नहीं पता था की किताब है किस बारे में.

यह पढ़ कर आपको हसी तो जरुर आई होगी और आनी भी चाहिए क्यूंकि भारतीयों की आदते है ही इतनी अजब.