झारखंड: खूंटी में स्कूल प्रिंसिपल पर जानलेवा हमला, आक्रोशित लोगों ने शहर किया जाम
झारखंड के खूंटी में एक चर्च से जुड़े स्कूल के प्रिंसिपल पर हुए जानलेवा हमले के बाद इलाके में भारी तनाव है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के विरोध में बुधवार को आदिवासी और ईसाई…
झारखंड के खूंटी में एक चर्च से जुड़े स्कूल के प्रिंसिपल पर हुए जानलेवा हमले के बाद इलाके में भारी तनाव है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के विरोध में बुधवार को आदिवासी और ईसाई समुदाय के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और शहर के मुख्य चौराहे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
घायल प्रिंसिपल, फादर बेनेदिक्त बारला, खूंटी के आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रमुख और संत मिखाइल चर्च से जुड़े पादरी हैं। उन्हें गंभीर हालत में खूंटी सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रांची के पल्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस जांच और घटनास्थल के सुराग
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग और एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि यह घटना मंगलवार रात करीब 9 बजे हुई होगी। फुटेज में तीन संदिग्ध युवक भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
आशंका है कि जब फादर रात में परिसर का निरीक्षण करने निकले, तो पहले से घात लगाए बैठे 2-3 अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया। हमलावर उन्हें मृत समझकर भाग गए। IANS के मुताबिक, स्कूल कार्यालय में सामान बिखरा हुआ था और खून के निशानों को पोंछकर मिटाने की कोशिश के सबूत भी मिले हैं। पुलिस फादर के घटनास्थल पर मिले मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है।
कैसे सामने आई घटना?
यह वारदात बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे सामने आई, जब स्कूल पहुंची एक महिला ने फादर बेनेदिक्त को खून से लथपथ हालत में देखा। आरसी चर्च के फादर निकोलस ने बताया कि उस महिला ने ही पारिस हाउस आकर घटना की जानकारी दी। पुलिस अब उस अज्ञात महिला की भी तलाश कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार, फादर के बाएं कान के नीचे एक गोलाकार जख्म है, लेकिन यह चोट किस हथियार से लगी है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
शहर में विरोध प्रदर्शन
इस हमले से आक्रोशित लोगों ने बुधवार सुबह 10:30 बजे से ही खूंटी के भगत सिंह चौक को जाम कर दिया, जिससे रांची-खूंटी-चाईबासा मार्ग पर यातायात ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने शहर बंद कराने के लिए विरोध मार्च भी निकाला और चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



