SIR विवाद: मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर 'तानाशाही' और 'वोट चोरी' का आरोप लगाया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एसआईआर (SIR) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों को दमनकारी बताते हुए 'वोट चोरी' और 'विरोध के अधिकार की चोरी' को भाजपा की…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एसआईआर (SIR) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों को दमनकारी बताते हुए 'वोट चोरी' और 'विरोध के अधिकार की चोरी' को भाजपा की तानाशाही का प्रमाण बताया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में कहा कि सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल में डाला जा रहा है और युवाओं पर लाठी-डंडे बरसाए जा रहे हैं।
बुधवार को अपनी पोस्ट में खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एसआईआर में बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' कहने को 'भारतीयता का अपमान' बताया। उन्होंने आगे कहा, "हमारी बेटियों से पुलिसिया बर्बरता और आरएसएस के गुंडों को खुलेआम छूट, मोदी-शाह की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि देश अब आवाज उठा रहा है और भाजपा से हर बात का हिसाब लेगा।
प्रदर्शन के अधिकार पर सवाल
खड़गे ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर लगी पाबंदियों का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल से हटाकर, पहले 'वोट चोरी' फिर 'विरोध करने के अधिकार की चोरी' भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास बंद करने की भी मांग की।
जयराम रमेश ने गृह मंत्री से पूछे तीन सवाल
वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर गृह मंत्री को घेरा। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट लिखकर अमित शाह से तीन सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा, "पहला- कितने घुसपैठियों की पहचान हुई?, दूसरा- कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए? और कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?"
जयराम रमेश ने कहा कि 100 करोड़ भारतीयों को एसआईआर की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है और उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि असल मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी ने लगभग 14 करोड़ भारतीयों से वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं।
इनपुट: IANS



