KGMU लखनऊ: नर्सिंग छात्रा की डेंगू से मौत, अटेंडेंस के दबाव और छुट्टी न मिलने पर साथियों का हंगामा
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक नर्सिंग छात्रा की मौत के बाद साथी छात्रों में भारी आक्रोश है। 2025 बैच की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के लिए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन…
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक नर्सिंग छात्रा की मौत के बाद साथी छात्रों में भारी आक्रोश है। 2025 बैच की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के लिए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की सख्त हाजिरी नीति को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि तेज बुखार और डेंगू होने के बावजूद दिव्यांशी को छुट्टी नहीं दी गई, जिसके चलते उसकी जान चली गई।
इस घटना के बाद से कैंपस और हॉस्टल में डर और गुस्से का माहौल है। साथी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दिव्यांशी पर अटेंडेंस का इतना दबाव था कि वह गंभीर रूप से बीमार होने पर भी कॉलेज आने को मजबूर थी।
“एब्सेंट लग जाएगी, मैं क्या करूं?”
प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने बताया कि दिव्यांशी 17 सितंबर की शाम को यह कहकर घर गई थी कि उसे 21 सितंबर को होने वाले 'इलेक्टिव मैंडेटरी' के लिए हर हाल में सोमवार तक लौटना है। उसने जाने से पहले भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था, “मैं चली जाऊं या नहीं, मेरी एब्सेंट मार्क हो जाएगी, मैं क्या करूं।” घर जाने के ठीक एक दिन बाद ही उसकी मौत हो गई।
एक अन्य छात्रा के मुताबिक, दिव्यांशी को मौखिक तौर पर यह भी कहा गया था कि अगर वह इलेक्टिव मॉड्यूल में शामिल नहीं हुई तो उसकी 6 महीने की बैक लगा दी जाएगी। हालांकि, यह बात लिखित में नहीं कही गई थी। इसी डर से वह बुखार में भी क्लास आती रही।
मेडिकल लीव पर सख्त नियम
छात्रों ने कॉलेज की अवकाश प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक छात्रा ने कहा, “मेडिकल लीव हर जगह मिलती है, स्कूल हो या ऑफिस, लेकिन हमारे यहां इसे नहीं माना जाता। एम्स जैसे संस्थान में भी मेडिकल लीव स्वीकृत होती है।” छात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें क्लिनिकल ड्यूटी से एक भी दिन अनुपस्थित रहने की इजाजत नहीं है। ऐसा करने पर उन्हें चार साल के कोर्स के बाद अतिरिक्त ड्यूटी करके उसकी भरपाई करनी पड़ती है, जिससे उनकी डिग्री में देरी हो सकती है। इसी डर के कारण छात्र बीमार होने पर भी छुट्टी लेने से कतराते हैं।
इनपुट: IANS



