केरल PSC विवाद: भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
केरल में लोक सेवा आयोग (PSC) में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को…
केरल में लोक सेवा आयोग (PSC) में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर से मुलाकात की और मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। इस प्रतिनिधिमंडल में तीन भाजपा विधायक, युवा मोर्चा के प्रतिनिधि और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी शामिल थे।
राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राज्य की वी.डी. सतीशन सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देशभर में 'छात्रों की गूंज' की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केरल के उन पीएससी रैंक होल्डरों और छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, जिन्हें वी.डी. सतीशन सरकार पिछले 150 दिनों से न्याय नहीं दे रही है।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय और पीएससी में भ्रष्टाचार पर आंखें मूंदे हुए है। उन्होंने कहा, "अगर किसी को पाखंड और धोखेबाज राजनीति देखनी है तो वह केरल आकर देखे। यहां रोजाना युवा इस राजनीति का शिकार हो रहे हैं।" भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पीएससी रैंक होल्डरों का आंदोलन इस सरकार के गठन से पहले से चल रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार पिछले 48 घंटों में सिर्फ इसलिए हरकत में आई क्योंकि राज्यपाल ने युवा मोर्चा की शिकायत पर अनुच्छेद 317 के तहत राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी थी। उन्होंने इसे "इस बात का सबसे बड़ा सबूत" बताया कि "कांग्रेस पार्टी युवाओं को लेकर कितनी गंभीर है।"
पिछली सरकार को दोष देने पर पलटवार
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन द्वारा पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भी राजीव चंद्रशेखर ने सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि सतीशन ने पांच गारंटियों और नए केरल का वादा कर वोट हासिल किया था। चंद्रशेखर ने पूछा, "150 दिन में सरकार कुछ नहीं कर पाई और अब पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को दोष दे रही है। अगर पिछली सरकार दोषी थी तो पीएससी चेयरमैन के खिलाफ जांच के आदेश क्यों नहीं दिए गए?"
उन्होंने आगे कहा कि आज वही युवा सचिवालय के सामने सिर मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, जिनसे अवसर देने का वादा किया गया था। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन को सलाह दी कि वे बहाने बनाकर अपनी विश्वसनीयता न खोएं और "दूसरा राहुल गांधी बनने की कोशिश" न करें।
इनपुट: IANS



