कीव में विश्वविद्यालय परिसर पर रूसी मिसाइलों का हमला, ज़ेलेंस्की ने दुनिया से मांगी मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार रात कीव में हुए एक घातक रूसी मिसाइल हमले की जानकारी दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एक विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार रात कीव में हुए एक घातक रूसी मिसाइल हमले की जानकारी दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एक विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की ख़बर है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे शहर और उसकी नागरिक सुविधाओं पर सीधा हमला बताया।
ज़ेलेंस्की के मुताबिक, मिसाइलें घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गिरीं, जहाँ आसपास कोई सैन्य ठिकाना नहीं था। हमले से विश्वविद्यालय कैंपस के अलावा क्योटो पार्क, एक मेट्रो स्टेशन के पास का इलाका और आस-पास की रिहायशी इमारतें भी प्रभावित हुईं। हमले के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और मलबे के नीचे कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है।
बचाव कार्य जारी, और हमलों का खतरा
राष्ट्रपति ने बताया कि सभी आपातकालीन सेवाएँ मौके पर मौजूद हैं और राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आगे भी इस तरह के हमले हो सकते हैं। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि कीव समेत यूक्रेन के अन्य शहरों पर 'शाहेद' ड्रोन से भी लगातार हमले हो रहे हैं।
हवाई रक्षा प्रणाली में देरी पर चिंता
इस हमले के बाद ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन को हवाई रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में, जब खतरा लगातार बना हुआ है और किसी भी समय शहरों और गांवों पर हमला हो सकता है, यूक्रेन को हवाई रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में होने वाली देरी आतंक को बढ़ावा देने का काम करती है।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राजनीतिक समझौतों को बिना देर किए लागू किया जाना चाहिए।
ज़ेलेंस्की ने अपने साझेदार देशों से आग्रह किया कि वे रूस के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करने के लिए यूक्रेन को आवश्यक साधन और उपकरण मुहैया कराएँ। उन्होंने कहा, "लोगों की जान बचाने का यह सबसे प्रभावी तरीका होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध और मौतों के लिए पूरी तरह से रूस ज़िम्मेदार है और यूक्रेन को इस चुनौती का सामना अकेले नहीं करना चाहिए।
इनपुट: IANS



