शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

कर्नाटक: 45 आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, कई जगह मिले एक्सपायर्ड सामान

कर्नाटक में आइसक्रीम खाने के शौकीनों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश भर की 45 आइसक्रीम…

कर्नाटक: 45 आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, कई जगह मिले एक्सपायर्ड सामान
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में आइसक्रीम खाने के शौकीनों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश भर की 45 आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें एक्सपायर हो चुके उत्पादों का इस्तेमाल भी शामिल है।

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छापेमारी में क्या-क्या मिला?

इस विशेष अभियान के तहत, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न आइसक्रीम बनाने वाली इकाइयों से कुल 70 नमूने इकट्ठे किए। इन नमूनों में आइसक्रीम के अलावा दूध, मिल्क पाउडर, फ्लेवर, चीनी और अन्य कच्चा माल भी शामिल है। विभाग के मुताबिक, सभी नमूनों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है।

बेंगलुरु में जब्त हुए एक्सपायर्ड उत्पाद

निरीक्षण के दौरान बेंगलुरु की दो इकाइयों में बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गईं। सावारा आइसक्रीम कैफे से मैरीगोल्ड ब्रिटानिया बिस्कुट, नंदिनी समृद्धि दूध, चाय, कॉफी और नारियल पाउडर जैसे कई एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इसी तरह, एम.एन. एंटरप्राइजेज से भी प्लेन कैरमेल, नेस्ले मिल्कमेड और मिल्की मिस्ट खोया जैसे समाप्त हो चुके सामान बरामद हुए।

अन्य शहरों में भी मिलीं खामियां

छापेमारी का असर सिर्फ बेंगलुरु तक ही सीमित नहीं रहा। रायचूर स्थित जेमिनी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मैसूरु की जॉन कैंडी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके चलते अधिकारियों ने वहां से 20,000 रुपये मूल्य की आइसक्रीम जब्त कर ली।

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन भी फैक्ट्रियों में कमियां पाई गई हैं, उन सभी के खिलाफ 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social हेल्थ डेस्क

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