कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: सबूतों के अभाव में बहू शालू मीनोचा को कोर्ट से मिली रिहाई
कानपुर के चर्चित दवा व्यापारी विनीत मीनोचा हत्याकांड में उनकी बहू शालू मीनोचा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने हत्या की साजिश में शामिल होने के पुख्ता…
कानपुर के चर्चित दवा व्यापारी विनीत मीनोचा हत्याकांड में उनकी बहू शालू मीनोचा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने हत्या की साजिश में शामिल होने के पुख्ता सबूत न मिलने के आधार पर शालू की न्यायिक हिरासत खत्म कर दी है और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है।
अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि शालू के खिलाफ कोई भी स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला है जो उन्हें हत्या की साजिश से जोड़ता हो। उन्हें 50,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि जब भी मामले के विवेचक या अदालत द्वारा उन्हें बुलाया जाएगा, उन्हें पेश होना होगा।
पुलिस जांच में बेटे पर था साजिश का शक
यह मामला 5 सितंबर को दवा व्यापारी विनीत मीनोचा की चाकू से गोदकर हुई हत्या से जुड़ा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चाकू के 17 घाव पाए गए थे। पुलिस ने अपनी जांच में दावा किया था कि इस हत्याकांड की साजिश विनीत के बेटे सुब्रत मीनोचा ने रची थी, न कि उनकी बहू शालू ने।
पुलिस के अनुसार, सुब्रत को डर था कि उसके पिता दूसरी शादी कर सकते हैं और वह उनके निजी जीवन से भी नाराज था। जांच में यह भी सामने आया था कि सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और उसने पिता की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से दो लाख रुपये एडवांस दिए जा चुके थे।
नौकर और उसके साथी ने की थी हत्या
इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर की भूमिका पाई थी। पड़ोस में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीरें भी कैद हो गई थीं। शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर को हिरासत में लिया था, जिसके बाद जांच में सुब्रत का नाम सामने आया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अब अदालत के आदेश से शालू को इस मामले में राहत मिल गई है।
इनपुट: IANS



